नई दिल्ली, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम की घोषणा के बाद शनिवार को भाजपा मुख्यालय में पहली पदाधिकारी बैठक हुई। बैठक के बाद पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। उन्होंने बताया कि अभी भी बैठकों का सिलसिला जारी है।संबित पात्रा ने कहा कि पहली पदाधिकारी बैठक में पहला प्रस्ताव भारत के गौरव और सम्मान, वंदे मातरम के महामंत्र के सम्मान में पारित हुआ है। पिछले कुछ महीनों में वंदे मातरम को लेकर कुछ ऐतिहासिक फैसले हुए हैं।
उन्होंने कहा, “यह वर्ष वंदे मातरम की 150वीं सालगिरह के रूप में मनाया जा रहा है। हिंदुस्तान के कोने-कोने में वंदे मातरम के प्रति सम्मान, भाव और भावनात्मक जुड़ाव देखने को मिल रहा है।”संबित पात्रा ने कहा, “मैंने वंदे मातरम को मंत्र इसलिए कहा, क्योंकि इस मंत्र के मूल में देश है, देशभक्ति है। भारत के इतिहास में पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए के नेतृत्व में वंदे मातरम के सभी 6 पदों का गायन लाल किले के परिसर में हुआ।”उन्होंने बताया कि 15 अगस्त 2026 को भारत के इतिहास में पहली बार पूरे वंदे मातरम, जिसमें सभी 6 छंद शामिल हैं, को गाया गया।भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “सूर्योदय के साथ हमने संपूर्ण वंदे मातरम को सुना, सराहा और नमन किया, वहीं सूर्य अस्त होते-होते 15 अगस्त को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया पर कांग्रेस कार्यालय का एक वीडियो सामने आया, जहां सोनिया गांधी को वंदे मातरम को दो छंदों के बाद रोकने के लिए कहते देखा गया।”
संबित पात्रा ने कहा, “हमने देखा कि किस प्रकार कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी की मौजूदगी में जब तिरंगा लहराया जा रहा था, उस समय जब वंदे मातरम शुरू हुआ तो 2 छंदों के बाद सोनिया गांधी को ‘स्टॉप-स्टॉप’ कहते हुए सुना गया, जैसे कोई गलत शब्द बोल दिए गए हों।”उन्होंने कहा कि 19 अगस्त को सीडब्ल्यूसी की मीटिंग में एक प्रस्ताव पारित किया गया, जो 1937 में कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने अक्टूबर में कलकत्ता में पारित किया था। वह प्रस्ताव था कि हम 6 छंदों के वंदे मातरम को नहीं मानेंगे, हम इसका विभाजन करेंगे और काट-छांट कर वंदे मातरम के केवल 2 ही छंद गाएंगे।


