बेहर क्षेत्र में आदिवासी बच्चों की मौतों का आकड़ा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन प्रशासन अब भी सिर्फ 8 मौतों का आंकड़ा बता रहा है। जमीनी स्तर पर यह संख्या लगभग 25 पहुंच चुकी है ।
उपरोक्त बाते एक प्रेस वार्ता में बैहर के विधायक संजय उइके ने कही । उन्होंने प्रेस को आगे बताया कि बच्चों की आकाल ओर आकस्मिक मौत का मूल कारण मलेरिया विरोधी छिड़काव का न होना , दवाओं का वितरण न होना बच्चों का पर्याप्त टीकाकरण न होना गंभीर कारणों के रूप में सामने आए हैं। कुपोषित बच्चों की कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता के कारण संक्रमण का असर और अधिक गंभीर हुआ।
सबसे गंभीर सवाल पूरक पोषण आहार को लेकर है। 0 से 3 वर्ष तक के बच्चों को घर-घर मिलने वाला टेक-होम राशन बच्चों के पोषण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। विधानसभा में सामने आई CAG रिपोर्ट के अनुसार मध्यप्रदेश में पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता को लेकर गंभीर कमियां पाई गई थीं।
इसके बाद अप्रैल से पूरे प्रदेश में पूरक पोषण आहार केवितरण को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं।
जब बच्चों को पर्याप्त पोषण नहीं मिलेगा, उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होगी


