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बालाघाट जिले के दक्षिण बैहर क्षेत्र के उन ग्रामों में जहां पिछले कुछ महीनों से संक्रामक बीमारियों के कारण जनजातीय परिवारों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा और बड़ी संख्या में मासूम बच्चों की असमय मृत्यु हुई अब स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। प्रभावित ग्रामों में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति जानने और जरूरतमंद परिवारों की मदद के उद्देश्य से मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ बालाघाट के पदाधिकारियों एवं पत्रकारों ने ग्राम कोरका, कुंडेकसा, अडोरी एवं बोंडारी का दौरा किया।
मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिला अध्यक्ष इंद्रजीत भोज के नेतृत्व में पत्रकारों ने इन ग्रामों में पहुंचकर बैगा जनजाति के ग्रामीणों से मुलाकात की तथा उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, पेयजल, दैनिक आवश्यकताओं और अन्य परेशानियों की जानकारी ली। इस दौरान जरूरतमंद परिवारों को कंबल, वस्त्र, पाठ्य सामग्री तथा दैनिक उपयोग की अन्य आवश्यक वस्तुएं वितरित की गईं।
स्वास्थ्य सुविधाओं में हुआ सुधार
पत्रकार संघ के जिला अध्यक्ष इंद्रजीत भोज ने ग्रामीणों से चर्चा के दौरान कहा कि वर्तमान में इन प्रभावित ग्रामों पर शासन-प्रशासन की विशेष निगरानी है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य अमले और एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई है। पेयजल सुविधा को लेकर भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
भोज ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष शलभ भदौरिया के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों को निरंतर आगे बढ़ा रहा है। पत्रकारिता समाज के जरूरतमंद और पीड़ित वर्ग की आवाज उठाना तथा आवश्यकता पड़ने पर उनकी सहायता के लिए आगे आना भी सामाजिक दायित्व का हिस्सा है। आगे कहा कि संघ भविष्य में भी प्रभावित ग्रामों के लोगों की आवश्यकताओं को समझते हुए यथासंभव सहयोग करता रहेगा। पीड़ित मानवता की सेवा को संघ अपने प्रमुख उद्देश्यों में शामिल करता है।
भोज ने कहा कि कुछ बाहरी सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स एवं स्वयं को पत्रकार बताने वाले लोगों की गतिविधियों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने प्रभावित बैगा ग्रामों की परिस्थितियों को सोशल मीडिया पर प्रस्तुत करते हुए जिले की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया और राहत के नाम पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर क्यूआर कोड जारी कर राशि एकत्रित की। यदि किसी क्षेत्र में संकट की स्थिति है तो वहां पीड़ितों की सहायता के लिए पारदर्शी और जिम्मेदार तरीके से कार्य होना चाहिए। पत्रकारिता को उन्होंने जनसेवा और जनहित से जुड़ा दायित्व बताया ।
वहीं उन्होंने कहा कि पूर्व में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कुछ कमियां सामने आई थीं, जिनके बाद प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर सुधारात्मक कदम उठाए गए। वर्तमान में प्रभावित ग्रामों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और निगरानी व्यवस्था में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से किसी भी क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को तथ्यों के साथ सामने रखना आवश्यक है, ताकि जरूरतमंद लोगों तक सही सहायता पहुंच सके।
इस दौरान महासचिव ओमेंद्र बिसेन,सहित अनेक पत्रकार एवं संघ के पदाधिकारी व सहयोगी उपस्थित रहे।


