जबलपुर। गोरखपुर इलाके में गणेश पंडालों की विद्युत व्यवस्था में भारी खामियां मिलने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। निरीक्षण के दौरान सिद्धि विनायक शारदा मंदिर के सामने स्थित गोपाल पूजा पंडाल के संचालक सचिन टेंट हाउस गढ़ा और महादेव मंदिर के पास लगे पंडाल के संचालक आरआरआर टेंट हाउस गढ़ा द्वारा नियमों की अनदेखी उजागर हुई। कनिष्ठ अभियंता सुधीर पटेल के शिकायती आवेदन पर गोरखपुर थाने में दोनों प्रतिष्ठानों के खिलाफ बीएनएस की धारा 125 के तहत प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज की गई। संयुक्त जांच दल में शामिल गोरखपुर एसडीएम अनुराग सिंह, टीआई नितिन और जबलपुर शहर वृत्त के अधीक्षण अभियंता संजय अरोरा ने मौके पर पहुंचकर यह कदम उठाया। यह एक्शन लगातार 10 दिनों तक चली प्रशासनिक समझाइश की अनदेखी के बाद लिया गया।
लोहे के पाइपों में दौड़ाया करंट जोखिम बढ़ा
संयुक्त प्रशासनिक जांच दल ने मौके पर पाया कि पंडालों में अमानक स्तर के कटे-फटे तारों का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा था। सजावट के लिए खींची गई विद्युत लाइनों के जोड़ों पर एलटी टेप लगाकर उन्हें सुरक्षित नहीं किया गया था। तार बेहद कम ऊंचाई पर लटके मिले और किसी भी सर्किट में सुरक्षा के लिए जरूरी एमसीबी नहीं लगाई गई थी। जमीन में अर्थिंग की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी, उल्टे लोहे के धातु वाले पाइपों के भीतर से नंगे तार गुजार दिए गए थे। इन गंभीर तकनीकी खामियों से पंडालों में आने वाले श्रद्धालुओं की जान को सीधा खतरा पैदा हो गया था। इसी आधार पर अधिकारियों ने मौके पर पंचनामा तैयार कर थाने में वैधानिक आवेदन प्रस्तुत किया, जिस पर कानूनी धाराएं लगाई गईं।
80 जांच टीमों ने शहरभर में दी दबिश
उत्सव के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। शहर के सभी गणेश उत्सव स्थलों की सघन पड़ताल के लिए 80 विशेष जांच दलों का गठन किया गया। इन टीमों ने सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक सभी मंचों, खंभों और सजावटी संरचनाओं की लाइट दिन में चालू करवाकर करंट लीकेज का भौतिक सत्यापन किया। जांच अभियान के दौरान शहर के लगभग 10 अन्य स्थानों पर भी विद्युत सुरक्षा में गंभीर अनियमितताएं चिन्हित की गईं, जिन्हें तत्काल नोटिस थमाए गए हैं। यदि सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो उन पर भी आगे कड़ी दंडात्मक कार्रवाई होगी।
जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं:अरोरा
भीड़ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शहरभर में अस्सी दलों ने दिन में लाइट चालू करवाकर चेकिंग की। दस स्थानों पर अनियमितता मिलने पर नोटिस जारी किए गए हैं। समितियां और डेकोरेटर्स बिजली चालू करने से पहले करंट लीकेज की जांच अनिवार्य रूप से करें। लापरवाही मिलने पर सीधे संबंधित फर्म के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संजय अरोरा, अधीक्षण यंत्री, सिटी,जबलपुर


