सीएचसी में नियमित सेवाएं नहीं मिलने की शिकायत, मरीजों ने सप्ताह में तीन दिन कर्मचारी की ड्यूटी की मांग
प्रहलाद गुप्ता कोतमा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा में कुष्ठ रोगियों के उपचार से संबंधित सेवाएं करीब दो वर्षों से नियमित रूप से संचालित नहीं होने की शिकायत सामने आई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इससे कोतमा ब्लॉक के कुष्ठ रोगियों को जांच और उपचार के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से मरीज इलाज की उम्मीद लेकर कोतमा अस्पताल पहुंचते हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कई बार कुष्ठरोग कक्ष बंद मिलने के कारण मरीजों को वापस लौटना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों और ऐसे लोगों के लिए परेशानी अधिक है, जिनके पास निजी वाहन की सुविधा नहीं है। जिला मुख्यालय जाकर उपचार कराना भी उनके लिए आसान नहीं है।
अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था
जानकारी के अनुसार, अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ ब्लॉक में कुष्ठ विभाग में कार्यरत जानकी प्रसाद महोबिया को कोतमा कुष्ठ विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कोतमा में उनकी नियमित उपस्थिति नहीं होने से मरीजों को अपेक्षित स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही है।
शिकायतकर्ताओं का यह भी कहना है कि विभागीय टीम के दौरे के दौरान कर्मचारी की उपस्थिति रहती है, लेकिन अन्य दिनों में नियमित सेवाएं उपलब्ध नहीं होतीं। हालांकि, इस संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। संबंधित कर्मचारी का पक्ष सामने आने पर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
सप्ताह में तीन दिन ड्यूटी की मांग
मरीजों की परेशानी को देखते हुए स्थानीय स्तर पर अनूपपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) से आग्रह किया गया है कि जानकी प्रसाद महोबिया की कोतमा कुष्ठ विभाग में सप्ताह में कम से कम तीन दिन नियमित ड्यूटी लगाने के निर्देश तत्काल जारी किए जाएं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कोतमा में नियमित कर्मचारी की उपलब्धता से मरीजों को जांच, उपचार और फॉलोअप की सुविधा स्थानीय स्तर पर मिल सकेगी और उन्हें इलाज के लिए जिला मुख्यालय जाने की आवश्यकता कम होगी।
विभाग से कार्रवाई की उम्मीद
कुष्ठ रोगियों को समय पर उपचार और नियमित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मामले का संज्ञान लेकर कोतमा में कुष्ठ रोगियों के लिए नियमित सेवाएं सुनिश्चित करने की मांग की है।
अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस शिकायत पर क्या कार्रवाई की जाती है और कोतमा के मरीजों को नियमित उपचार की सुविधा कब मिलती है, इस पर क्षेत्रवासियों की नजर है।
इनका कहना
संबंधित बीएमओ से चर्चा कर यह जानकारी लेंगी कि किस कर्मचारी की कहां पदस्थापना है और वर्तमान में क्या स्थिति है। संबंधित जानकारी मिलने के बाद ही वे इस मामले में अपना बयान दे पाऊंगी।
— अलका तिवारी, सीएमएचओ अनूपपुर


