कलेक्ट्रेट पहुंचकर परमिट और दस्तावेजों की प्रक्रिया में राहत मांगी, संघ ने सुरक्षा नियमों के पालन पर सहमति जताई
जबलपुर। पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त जांच में 46 स्कूली वाहन जब्त किए जाने के बाद वाहन चालकों ने छह अक्टूबर को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। जाबालिपुरम् स्कूल वाहन चालक संघ ने कार्रवाई के विरोध में वाहनों का संचालन रोकने की घोषणा की। इससे अनेक अभिभावकों को बच्चों को स्वयं स्कूल पहुंचाने की व्यवस्था करनी पड़ी।
संयुक्त जांच के दौरान इन वाहनों में नियमों के विपरीत स्कूली बच्चों का परिवहन किए जाने की जानकारी सामने आई थी। जब्ती के विरोध में पहुंचे चालकों ने अचानक हुई कार्रवाई से आजीविका प्रभावित होने की बात कही और वाहनों के नियमानुसार संचालन के लिए प्रक्रियागत सहायता मांगी।
संघ की प्रमुख मांग निजी वैन और ईको वाहनों को निर्धारित स्कूली परमिट श्रेणी में परिवर्तित करने के लिए विशेष शिविर लगाने की है। चालकों ने फिटनेस, बीमा और कर संबंधी प्रक्रिया पूरी करने में व्यावहारिक सहायता तथा ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण के लिए भी शिविर आयोजित करने की मांग रखी।
चालकों ने पुलिस सत्यापन सहित बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करने पर सहमति जताई। उनका कहना है कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने में सहायता मिलने से वाहन संचालन और उनकी आजीविका से जुड़ी परेशानी दूर हो सकेगी।
इस बीच संचालन रुकने का असर अभिभावकों की दिनचर्या और विद्यार्थियों के स्कूल आने-जाने पर पड़ा। कार्रवाई का आधार बच्चों की सुरक्षा और परिवहन नियमों का पालन बताया गया है, हालांकि उपलब्ध विवरण में जब्त वाहनों के उल्लंघनों की विभागवार सूची नहीं दी गई है। संघ की मांगों पर कलेक्टर की ओर से किसी राहत या समझौते की घोषणा का उल्लेख भी उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं है।


