April 9, 2026
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43 वर्षीय महिला ने अंगों को दान कर बचाई 4 लोगों की जान

नई दिल्ली, 29 मई (आईएएनएस)| देश में कोरोना महामारी अपना कहर बरपा रही है, लेकिन इन सब के बीच दिल्ली के अस्पताल में एक महिला ने मौत के बाद भी अपने अंग दान चार लोगों की जान बचाई। हालांकि महिला उच्च रक्तचाप चाप से ग्रस्त थी, लेकिन महिला को कोरोना संक्रमण नहीं था।

दरअसल दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में 20 मई को नजफगढ़ निवासी 43 वर्षीय महिला को उल्टी और सर दर्द की शिकायत के कारण अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया।

अस्पताल में भर्ती महिला की लगातार हालत खराब हो रही थी, जिसके बाद अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा जब परीक्षण किया गया तो पता चला कि महिला को ब्रेन हैमरेज हुआ था, डॉक्टरों द्वारा बचाने के लगातार प्रयास के बावजूद महिला का 21 मई देर रात ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया।

महिला की मृत्यु के बाद परिवार पूरी तरह बिखर गया, वह सात भाई-बहनों में इकलौती बहन थी और अपने पीछे एक 21 वर्षीय बेटे और पति को छोड़ गई। वहीं महिला के मृत्यु के बाद परिवार के सदस्यों ने आपस में विचार विमर्श कर महिला के अंगों को दान करने का फैसला लिया। ताकि अन्य गंभीर मरीजों को एक जीवन दिया जा सके।

सर गंगा राम अस्पताल के डिपार्टमेंट ऑफ सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एंड लीवर ट्रांसप्लांटेशन के को चेयरमैन डॉ. नैमिश एन मेहता ने बताया कि, “कैडवर अंगों के लिए एक बड़ी प्रतीक्षा सूची है, और कोविड महामारी के साथ, अंग दान दर में उल्लेखनीय कमी आई है। देश भर में सर गंगा राम अस्पताल में वर्तमान में 179 मरीज कैडवर लीवर और 484 मरीज कैडवर किडनी प्रत्यारोपण के इंतजार में हैं।”

“भारत में अंगदान दर प्रति मिलियन जनसंख्या पर 0.65 से 1 के बीच है, जबकि स्पेन में यह 35 पीएमपी और यूएसए में 26 पीएमपी तक है।”

डॉ. मेहता के नेतृत्व में डॉक्टरों की एक टीम ने अंगों को निकाला। वहीं एक 58 वर्षीय व्यक्ति में लीवर ट्रांसप्लांट किया गया, जो 2 साल से अधिक समय से इंतजार कर रहा था।

मृतक महिला से प्राप्त किए गए अन्य अंगों में दो गुर्दे और हृदय था। हालांकि सर गंगा राम अस्पताल में एक किडनी ट्रांसप्लांट की गई और बाकी अंगों को दिल्ली एनसीआर के अन्य अस्पतालों में भेज दिया गया।

डॉ. मेहता ने आगे कहा कि, “हम इस महामारी के समय में भी उचित परिश्रम और सख्त संक्रमण नियंत्रण के साथ अपने अलग-अलग गैर-कोविड विंग में प्रत्यारोपण जैसी जीवन रक्षक सर्जरी करने में सक्षम हैं, जिससे क्रॉस संक्रमण की किसी भी संभावना को रोका जा सकता है।”

सर गंगा राम अस्पताल के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट डॉ डीएस राणा ने बताया कि, “हमारा अस्पताल हमेशा अंग दान जागरूकता कार्यक्रम में सबसे आगे रहा है और हमने उन लोगों के लिए एक अलग पोर्टल बनाया है जो अपनी मृत्यु के बाद अपने अंगों को गिरवी रखना चाहते हैं।”

डॉ राणा ने मृत महिला और उसके परिवार द्वारा किए गए इस नेक काम के लिए परिवार का आभार व्यक्त भी किया।

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