Seetimes
Town

मप्र में बनेगी 90 हजार शालाओं में प्रबंधन समितियां

भोपाल, 2 सितम्बर (आईएएनएस)| मध्य प्रदेश की सभी शासकीय और अनुदान प्राप्त प्राथमिक, माध्यमिक एवं संयुक्त माध्यमिक शालाओं में शाला प्रबंधन समितियों का गठन किया जाएगा, ताकि विद्यालयों का प्रबंधन बेहतर हो सके और बच्चों के बहुआयामी विकास की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकें। इसके गठन की प्रक्रिया नौ सिंतबर तक पूरी कर ली जाएगी। राज्य शिक्षा केन्द्र के संचालक धनराजू एस. ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत शालाओं के बेहतर प्रबंधन एवं शैक्षिक गतिविधियों के क्रियान्वयन के लिए शाला प्रबंधन समितियों का गठन किया जाता है। ये समितियाँ बच्चों के शालाओं में नामांकन, नियमित उपस्थिति, गुणवत्तायुक्त शिक्षा और अधोसंरचनात्मक कार्यो के साथ बच्चों के बहुआयामी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस संबंध में सभी जिलों के कलेक्टर्स को स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) गठन के लिए निर्देश जारी कर दिए गए है।

प्रदेश में लगभग 90 हजार प्राथमिक, माध्यमिक एवं संयुक्त माध्यमिक स्कूलों में गठित होने वाली समितियों का कार्यकाल आगामी दो शैक्षणिक सत्रों के लिए निर्धारित है। शाला प्रबंधन समितियों के 18 सदस्यों में शाला में अध्ययनरत बच्चों के पालक, शाला के प्रधान शिक्षक, वरिष्ठतम महिला शिक्षिका तथा स्थानीय वार्ड के पंच-पार्षद तथा स्थानीय निकाय के सरपंच-अध्यक्ष-महापौर द्वारा नामित अन्य वार्ड की एक महिला पंच-पार्षद के रुप में निर्वाचित जनप्रतिनिधि भी शामिल रहते हैं। इन समितियों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का चयन विद्यार्थियों के अभिभावकों में से किया जाता है। वहीं शाला के प्रधान शिक्षक समिति के सदस्य सचिव होते हैं। शासन द्वारा शाला के स्थानीय प्रबंधन के अधिकार भी इन समितियों को सौंपे गए हैं।

धनराजू ने स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय एवं अनुदान प्राप्त स्कूलों में अध्ययनरत् विद्यार्थियों के पालकों एवं अभिभावकों से नौ सितम्बर को स्कूल पहुँचकर, शाला प्रबंधन समिति से जुड़ने और शालाओं के विकास कार्यों में सहभागी बनने की अपील की है।

अन्य ख़बरें

ओडिशा में बार कर्मचारियों ने काटी बिजली, लिफ्ट में फंसे अधिकारी, 5 गिरफ्तार

Newsdesk

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह का बड़ा आरोप

Newsdesk

यूएस से आया शख्स यूपी में पॉजिटिव पाया गया

Newsdesk

Leave a Reply

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy