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September 30, 2026
सी टाइम्स
क्राइमराष्ट्रीय

‘पालघर मॉब लिंचिंग की हो सीबीआई जांच’

नई दिल्ली, 25 अप्रैल| महाराष्ट्र के पालघर जिले में बीते दिनों दो संतों और उनके वाहन चालक की मॉब लिंचिंग की घटना के पीछे हिंदू धर्म आचार्य सभा को बड़ी साजिश दिख रही है। संगठन ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पत्र लिखकर इस घटना की सीबीआई जांच की मांग की है। इस पत्र पर देश के 16 प्रमुख संतों के नाम लिखे हुए हैं, जिसमें सभा के अध्यक्ष स्वामी अवधेशानंद के अलावा स्वामी रामदेव का नाम प्रमुख तौर पर शामिल है।

हिंदू धर्म आचार्य सभा ने राज्यपाल से कहा है कि बीते 16 अप्रैल की रात पालघर, महाराष्ट्र में दो संन्यासी कल्पवृक्ष गिरि और स्वामी सुशील गिरि के साथ उनके वाहन चालक की नृशंस हत्या कर दी गई थी। आचार्य सभा इस घटना की कठोर निंदा करती है। हिंदू धर्म आचार्य सभा ने कहा कि घटना के संबंध में कई प्रमुख बिंदु उभरकर सामने आए हैं। पालघर के जिस आदिवासी क्षेत्र में हत्या हुई, वहां नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का बहुत विरोध हुआ था। इसी क्षेत्र में इस साल 23 फरवरी को और बीते दिसंबर में 12 बांग्लादेशी पकड़े गए थे।

हिंदू धर्म आचार्य सभा ने कहा कि पालघर में सनातन धर्म के खिलाफ बीज बोए गए हैं। हिंदू बहुल गांव भी कई बार जलाए गए हैं। संतों की हत्या की यह घटना अप्रत्याशित रूप से नहीं घटी है। जब गृहमंत्री अमित शाह ने गंभीर सवाल खड़े किए तब कुछ लोगों की गिरफ्तारियां हुईं। गंभीर बात यह है कि हत्या के वीडियो में जो नाम सुनाई दे रहे हैं, वे नाम जांच में गायब कर दिए गए।

हिंदू धर्म आचार्य सभा के अध्यक्ष आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि, महामंत्री स्वामी परमात्मानंद सरस्वती, स्वामी रामदेव, जगदगुरु स्वामी निर्मलानंद, अविचल दास महाराज, ज्ञानानंद महाराज सहित कई संतों ने पालघर मॉब लिंचिंग की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।

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