22.7 C
Jabalpur
September 6, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से कर्म और धर्म की मिलती है प्रेरणा : राकेश सिंह

जबलपुर, 17 अगस्त। मध्य प्रदेश के जबलपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर सनातन धर्म सभा की ओर से गोरखपुर कृष्ण मंदिर से विशाल शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान शोभायात्रा में भगवान कृष्ण की लीलाओं से प्रेरित तमाम झांकियां आकर्षण के केंद्र में रहीं।

शोभा यात्रा में साधु-संतों के साथ पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह, सांसद आशीष दुबे, विधायक अभिलाष पांडे, महापौर जगतबहादुर सिंह अन्नू एवं शहर के धर्मप्रेमियों ने बड़े उत्साह के साथ बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

शोभायात्रा में शामिल पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम हजारों वर्षों से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े उत्साह और भक्तिभाव से मनाते आ रहे हैं। भगवान श्री कृष्ण ने सनातन धर्म की पुनर्स्थापना के लिए इस धरती पर अवतार लिया। उनके जीवन से हमें न केवल कर्म का मार्ग सीखने को मिलता है, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य और धैर्य बनाए रखने की शिक्षा मिलती है। यही कारण है कि भगवदगीता विश्व का एकमात्र ऐसा ग्रंथ है, जो जीवन के संपूर्ण सार को समेटे हुए है।

गुजरात के सूरत में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर भक्तिमय माहौल देखा जा रहा है। सूरत के खाटूश्याम धाम मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ देखी जा रही है। शहर के अलग-अलग इलाकों में दही हांडी कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। शहर के तमाम मंदिरों में भगवान श्री गोपाल का अलौकिक श्रृंगार किया गया है, जहां शाम 7 बजे संध्या आरती और रात 12 बजे जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। माखन-मिश्री और पंजरी का भोग लगाकर प्रसाद वितरित किया जाएगा। मंदिर को लाइटों और फूलों से सजाया गया है।

महाराष्ट्र के पुणे के इस्कॉन मंदिर में भगवान श्री कृष्ण की मूर्ति को मनमोहक तरीके से सजाया गया है। आकर्षक लाइटिंग, रंग-बिरंगे फूलों और झूमरों से मंदिरों की रौनक बढ़ गई है। इस मौके पर इस्कॉन मंदिर के सेवक गोपती दास ने बताया कि आज के दिन हमारी भक्ति और निस्वार्थ सेवा प्रभु को पसंद आएगी। आज पूरे शहर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव है और भक्तों का आने का सिलसिला लगातार जारी है।

राजस्थान के राजसमंद में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव अलग तरीके से मनाया जाता है। जिसको लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। राजसमंद के नाथद्वारा में रात 12:00 बजे 21 तोपों की सलामी के साथ श्रीकृष्ण के आगमन की सूचना दी जाती है और उसके बाद नाथद्वारा में उत्सव शुरू होता है। अगले दिन सुबह ठाकुर जी को पंचम रत्नन कराया जाएगा और उसके बाद दोपहर तक नंद महोत्सव की धूम रहेगी।

इस विशेष उत्सव के सहभागी बनने के लिए राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र सहित अन्य प्रदेशों से भी हजारों लोग पहुंचते हैं।

अन्य ख़बरें

मध्‍य प्रदेश सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा के छह अधिकारियों का किया तबादला

Newsdesk

जबलपुर रेल मंडल ने मानसून में पुलों एवं संवेदनशील स्थानों पर 109 जीपीएस से लैस स्टाफ को किया तैनात

Newsdesk

बीएसएनएल की वेबसाइट में टेलीकॉम की 35 एकड़ जमीन का जिक्र नहीं

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading