April 6, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

कानपुर के बाकरगंज बाजार में भीषण आग, सैकड़ों दुकानें जलकर खाक, दुकानदारों को भारी नुकसान

कानपुर, 12 नवंबर। उत्तर प्रदेश के कानपुर के बाकरगंज बाजार में बुधवार तड़के भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते सैकड़ों दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। घटना बाबूपुरवा थाना क्षेत्र की है। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरे इलाके में घना धुआं छा गया और लोगों में अफरातफरी मच गई। दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग सुबह करीब 5 बजे लगी थी। जब स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, तब तक पूरा बाजार धधक रहा था।

एक व्यापारी ने आईएएनएस से बताया, “हम जब पहुंचे तो चारों तरफ आग ही आग थी। हमारी दो दुकानें थीं, जिनकी कीमत करीब 50-60 लाख रुपए थी। सब कुछ जल गया।” आग इतनी भीषण थी कि बाजार की सैकड़ों दुकानें राख में तब्दील हो गईं। चारों ओर से धुएं के गुबार उठ रहे थे और स्थानीय लोग अपनी दुकानें बचाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन तेज लपटों के सामने सब बेबस दिखे।

घटना से प्रभावित दुकानदारों ने कहा कि उनकी मेहनत की कमाई कुछ ही घंटों में राख बन गई। शहजादे नाम की दुकानदार ने कहा, “यहां अचानक आग लग गई, हमें नहीं पता कैसे। मेरी कपड़ों की दुकान पूरी तरह जल गई।” वहीं, उषा राठौर नाम की एक अन्य दुकानदार ने कहा, “हम सो रहे थे, तभी किसी ने बताया कि बाजार में आग लग गई है।

शुरुआत में कोई दमकल की गाड़ी नहीं थी, हमें खुद फोन करना पड़ा। मेरी दुकान में 13-14 लाख रुपए का माल था, सब जलकर खत्म हो गया। मुझे शक है कि यह साधारण हादसा नहीं है। सभी दुकानें एक साथ कैसे जल सकती हैं।” एक अन्य व्यापारी अजय ने कहा, “जब मैं यहां पहुंचा, तब तक पूरा बाजार जल चुका था। हमारी दो दुकानों में करीब 50-60 लाख रुपए का माल था, सब राख हो गया।” फिलहाल, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस और फायर डिपार्टमेंट की टीम जांच में जुटी है।

अन्य ख़बरें

इमोशनल चाल चलकर बदमाशों ने बुजुर्ग महिला को बनाया निशाना, मंगलसूत्र लेकर फरार

Newsdesk

कॉमर्स की मनमानी पर लगे-राष्ट्रीय रिटेल विकास परिषद का गठन समय की मांग: खंडेलवाल

Newsdesk

जल प्रकृति द्वारा प्रदत्त एक अमूल्य उपहारविशाल तालाब के घाट की श्रमदान कर की गई साफ-सफाई

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading