नई दिल्ली। अल-फ़लाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक जावेद अहमद सिद्दीकी को आतंक फंडिंग से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि यह संस्थान “टेरर यूनिवर्सिटी” का रूप लेता जा रहा है।
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि अल-फ़लाह के ‘व्हाइट कॉलर नेटवर्क’ से जुड़े होने की बात चौंकाने वाली है और आने वाले समय में कई खुलासे हो सकते हैं, जिनमें डॉक्टरों की भूमिका भी शामिल हो सकती है। जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने मामले के राजनीतिकरण पर चिंता जताई और कहा कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।
ED ने दो FIR के आधार पर सिद्दीकी को PMLA के तहत गिरफ्तार किया है। एजेंसी के अनुसार, यूनिवर्सिटी ने NAAC मान्यता और UGC की धारा 12(B) से जुड़ी फर्जी दावे कर छात्रों और अभिभावकों को गुमराह किया। जांच अब यूनिवर्सिटी की वित्तीय गतिविधियों और संभावित आतंकी लिंक तक पहुंचने पर केंद्रित है।


