काबुल। तालिबान ने दावा किया है कि बुधवार को ईरान और पाकिस्तान से 10,000 से अधिक अफगान शरणार्थियों को जबरन वापस भेजा गया। उप प्रवक्ता हमदुल्ला फ़ित्रत के अनुसार 1,763 परिवारों के 10,405 लोग स्पिन बोलदक (कंधार), बह्रमचा (हेलमंद), इस्लाम क़ाला (हेरात), पुल-ए-अब्रेशम (निमरोज़) और तोरखम (नंगरहार) होते हुए अफगानिस्तान लौटे।
उन्होंने बताया कि 2,222 परिवारों को उनके गृह क्षेत्रों तक पहुंचाया गया जबकि 1,534 लोगों को मानवीय सहायता दी गई। मंगलवार को 7,326 और रविवार को 12,666 शरणार्थियों की जबरन वापसी दर्ज हुई।
उधर, करीब 400 अफगान नागरिकों, जिनमें कलाकार और उनके परिवार शामिल हैं, ने पेशावर हाई कोर्ट में याचिका दायर कर बलपूर्वक निर्वासन रोके जाने और शरण दी जाने की मांग की है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि तालिबान शासन में संगीत और कला से जुड़े लोगों के लिए अफगानिस्तान लौटना खतरे से खाली नहीं। पिटीशन में कहा गया है कि पाकिस्तान की जबरन वापसी नीति UNHCR समझौतों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के विरुद्ध है।


