जबलपुर। जमीन की खरीद-फरोख्त में बढ़ते फर्जीवाड़े और एक ही संपत्ति को कई लोगों को बेचने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने रजिस्ट्री प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए हैं। अब जमीन रजिस्ट्री के लिए 5 महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अनिवार्य कर दिया गया है। नए नियम तुरंत प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
1. पैन कार्ड और फोटो अनिवार्य
नए नियमों के अनुसार खरीदार और विक्रेता दोनों को पैन कार्ड प्रस्तुत करना होगा। इसके साथ ही पासपोर्ट साइज फोटो की भी फाइल में अनिवार्य रूप से आवश्यकता होगी। इससे खरीदार-विक्रेता की पहचान स्पष्ट रूप से दर्ज हो सकेगी, और भविष्य में विवाद की संभावना कम होगी।
2. आधार कार्ड से पहचान का डिजिटल सत्यापन
सरकार ने आधार कार्ड को पहचान और पते के सत्यापन का प्रमुख दस्तावेज बनाया है। रजिस्ट्री के दौरान आधार से डिजिटल वेरिफिकेशन किया जाएगा, जिससे फर्जी पहचान के आधार पर की जाने वाली रजिस्ट्री रोकी जा सकेगी।
3. जमीन के मूल दस्तावेजों का ई-वेरिफिकेशन
अब रजिस्ट्री के लिए निम्न दस्तावेज अनिवार्य होंगे—
खसरा नंबर
खतौनी
भू-नक्शा
स्वामित्व प्रमाण
सेल एग्रीमेंट
इन सभी दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन विभाग द्वारा किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दस्तावेज असली हों और जमीन पर किसी प्रकार का विवाद न हो।
4. टैक्स और बकाया की रसीदें अनिवार्य
अगर संपत्ति पर नगर निगम टैक्स या अन्य देनदारियां लंबित हैं तो उनकी रसीदें भी रजिस्ट्री के समय प्रस्तुत करनी होंगी। जब तक सभी बकाया साफ नहीं होंगे, रजिस्ट्री प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।
5. फर्जीवाड़े पर सख्ती—एक ही जमीन बार-बार बेचने पर रोक
विशेषज्ञों का कहना है कि नए नियमों से जमीन की खरीद-फरोख्त में पारदर्शिता बढ़ेगी। डिजिटल रिकॉर्ड और कड़े दस्तावेज़ सत्यापन से
फर्जी रजिस्ट्री,
गलत दस्तावेज,
और एक जमीन को कई लोगों को बेचने जैसे मामलों पर रोक लगेगी।
जमीन बाजार में बढ़ रही धोखाधड़ी को देखते हुए यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए नियम न केवल खरीदारों को सुरक्षित करेंगे, बल्कि संपत्ति कारोबार में विश्वास और पारदर्शिता भी बढ़ाएंगे।


