देशभर में रेल सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले लोको पायलटों ने 48 घंटे की भूख हड़ताल शुरू कर दी है। यह हड़ताल उनके बढ़ते कार्यदबाव, लंबे ड्यूटी आवर्स और लगातार मानसिक तनाव के विरोध में की जा रही है। आंदोलन के तहत लोको पायलट 48 घंटे तक बिना भोजन के ट्रेनें चला रहे हैं, साथ ही सभी प्रमुख स्टेशनों पर स्थित लॉबी के सामने धरने पर बैठे हैं।
लोको पायलटों का कहना है कि निरंतर 12 से 16 घंटे की ड्यूटी, पर्याप्त आराम न मिलना और लगातार अप-डाउन के कारण वे अत्यधिक मानसिक और शारीरिक दबाव में रहते हैं। रेल सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के बावजूद उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
हड़ताल कर रहे लोको पायलटों का आरोप है कि समय पर ड्यूटी रोटेशन नहीं दिया जा रहा, न ही पर्याप्त विश्राम घंटे सुनिश्चित किए जा रहे हैं। इसके चलते कई बार उन्हें थकान की स्थिति में ट्रेन चलानी पड़ती है, जो यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकता है।
48 घंटे की इस भूख हड़ताल में देशभर के बड़े जंक्शनों सहित कई छोटे स्टेशनों पर भी लोको पायलट एकजुट होकर अपनी मांगों को उठा रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक रेल प्रशासन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करता, तब तक आंदोलन आगे भी जारी रह सकता है।
रेलवे प्रशासन इस पूरे आंदोलन पर नजर बनाए हुए है।


