जबलपुर। जबलपुर–भोपाल हाईवे के वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिज़र्व (पूर्व में नौरादेही अभयारण्य) के 12 किलोमीटर लंबे संवेदनशील हिस्से में वन्यजीवों की सड़क दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही थीं। तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में हिरण, नीलगाय और अन्य जानवर अक्सर आ जाते थे। इसी खतरे को देखते हुए NHAI ने अब इस क्षेत्र को हाई-टेक तरीके से सुरक्षित करने की शुरुआत कर दी है।
लाल ‘टेबल-टॉप मार्किंग’ से मिलेगा अलर्ट
दुर्घटना संभावित 2 किलोमीटर क्षेत्र में
लाल रंग की 5 मिमी मोटी टेबल-टॉप मार्किंग,
और दोनों ओर सफेद शोल्डर लाइनें बनाई गई हैं।
यह विशेष सतह वाहन के संतुलन बिगड़ने या तेज गति में होने पर ड्राइवर को तुरंत सतर्क करती है। इससे चालक गति नियंत्रित रखते हैं और सड़क पर अधिक सतर्कता बरतते हैं।
25 वाइल्डलाइफ अंडरपास बनाए गए
NHAI ने हाईवे के इस हिस्से में
25 वाइल्डलाइफ अंडरपास तैयार किए हैं, जिनसे जानवर सुरक्षित रूप से सड़क पार कर सकेंगे।
इन अंडरपासों का उद्देश्य जानवरों को सड़क पर आने से रोकना और दुर्घटनाओं को कम करना है।
‘डेंजर जोन’ हुआ सुरक्षित
यह पूरा क्षेत्र तेज रफ्तार के कारण ‘डेंजर ज़ोन’ बन चुका था। NHAI की नई तकनीक ने यहाँ सड़क सुरक्षा को बढ़ाया है और वन्यजीवों तथा यात्रियों, दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की है।
इस पहल से साबित होता है कि आधुनिक तकनीक का उपयोग कर हाईवे विकास और वन्यजीव संरक्षण दोनों को साथ-साथ सुरक्षित रखा जा सकता है।


