जबलपुर। मढ़ाताल स्थित अंजुमन इस्लामिया स्कूल एक बार फिर विवादों में घिर गया है। स्कूल में देरी से पहुंचने पर तीन नाबालिग छात्राओं को कॉरिडोर में हाथ उठाकर खड़ा रखने की सजा देने का मामला सामने आया है। शुक्रवार सुबह करीब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
वीडियो और फोटो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि पहली मंजिल के कॉरिडोर में तीन बच्चियां हाथ ऊपर उठाकर खड़ी हैं और अत्यधिक थकान के कारण उनके हाथ नीचे गिरने लगे। इसके बावजूद उन्हें राहत नहीं दी गई। बताया गया कि यह सजा लगभग आधे घंटे तक चलती रही।
घटना के समय मौजूद भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के महामंत्री मुजम्मिल अली ने बताया कि बच्चियों को देर से आने पर यह सजा दी गई थी। उन्होंने कहा कि बच्चियां अत्यधिक थक चुकी थीं, लेकिन प्रबंधन ने उन पर रहम नहीं किया। जैसे ही नीचे खड़े लोगों द्वारा वीडियो बनाए जाने की जानकारी कक्षाओं तक पहुंची, तुरंत बच्चियों की सजा खत्म कर दी गई।
मामले के बढ़ने पर मुजम्मिल अली ने कलेक्टर से मुलाकात कर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी लोग स्कूल की इस अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर शिक्षा विभाग से हस्तक्षेप करने की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।


