नई दिल्ली, 6 दिसंबर। बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी से पहले उत्तर प्रदेश में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं। अयोध्या और मथुरा जैसे अति संवेदनशील शहरों में हाई अलर्ट घोषित करते हुए पुलिस बलों को चौकन्ना रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर और शाही ईदगाह मस्जिद के चारों ओर बैरिकेडिंग कर क्षेत्र को दो ज़ोन, चार सुपर ज़ोन और आठ सेक्टर में बांटा गया है। पूरे इलाके की निगरानी ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी नेटवर्क से की जा रही है। इसी तरह अयोध्या में भी सुरक्षा व्यापक रूप से बढ़ाई गई है।
वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पुलिस टीमों ने गश्त बढ़ा दी है। वाहनों की जांच, भीड़ की मॉनिटरिंग और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। PAC और RAF की टीमें स्टैंडबाय पर हैं, जबकि plain-clothes पुलिसकर्मी मंदिर–मस्जिदों के आसपास तैनात हैं।
शाही ईदगाह विवाद के सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के कारण भी सुरक्षा को और संवेदनशील माना जा रहा है। 6 दिसंबर को जहां कुछ संगठन ‘शौर्य दिवस’, वहीं अन्य ‘ब्लैक डे’ मनाते हैं, जिससे कानून–व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सावधानी की जरूरत है।
1992 की घटना की ऐतिहासिक संवेदनशीलता को देखते हुए अयोध्या में सतर्कता और बढ़ा दी गई है। सुप्रीम कोर्ट के 2019 के फैसले के बाद राम मंदिर निर्माण पूरा हो चुका है और हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धर्म ध्वज फहराकर मंदिर कार्य के पूर्ण होने का प्रतीकात्मक संकेत दिया था।
प्रदेशभर में पुलिस सतर्क है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।


