जबलपुर के बीटी तिराहे पर गुरुवार को स्विगी (Swiggy) और अन्य फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म से जुड़े कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए। डिलीवरी कर्मचारियों ने धरना देते हुए कंपनी प्रबंधन और फील्ड मैनेजर इंद्रभान सिंह पर तानाशाही रवैया अपनाने और शोषण का आरोप लगाया।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि उनसे रोजाना 17 से 18 घंटे तक काम कराया जा रहा है, लेकिन इसके बदले बेहद कम भुगतान किया जा रहा है। कर्मचारियों के अनुसार उन्हें प्रति पार्सल केवल 15 रुपये दिए जाते हैं, जिससे एक दिन में औसतन 450 रुपये ही बन पाते हैं। इसमें से करीब 220 रुपये पेट्रोल खर्च में चले जाते हैं और हाथ में सिर्फ 230 रुपये बचते हैं, जो न्यूनतम मजदूरी से भी कम है।
डिलीवरी कर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि पहले उन्हें प्रति पार्सल 5 रुपये अतिरिक्त मिलते थे, जिसे कंपनी ने बंद कर दिया है। वर्तमान में करीब 65 कर्मचारी सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक काम करने को मजबूर हैं। इसके बावजूद फील्ड मैनेजर द्वारा लगातार नई हायरिंग की जा रही है, जिससे मौजूदा कर्मचारियों की आय और भी कम हो रही है।
कर्मचारियों का कहना है कि जब उन्होंने इस शोषण का विरोध किया तो फील्ड मैनेजर ने साफ कह दिया कि “काम करना है तो करो, नहीं तो आने की जरूरत नहीं है।” इससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि डिलीवरी रेट बढ़ाए जाएं, काम के घंटे तय किए जाएं और प्रबंधन का रवैया बदला जाए।
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे।


