सी टाइम्स अनूपपुर। रन फॉर स्वदेशी हेतु शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा भारत के सभी विश्वविद्यालय एवं समस्त महाविद्यालयों को जारी किए गए पत्र के क्रियान्वयन करने के संदर्भ में राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में आज एक विराट बैठक स्वदेशी शोध संस्थान के राष्ट्रीय सचिव तथा स्वदेशी जागरण मंच के केंद्रीय संचालन समिति सदस्य डीन प्रो विकास सिंह के मुख्य आतिथ्य, प्रो मोहन कोल्हे नोर्वे की अध्यक्षता तथा प्रो सत्य प्रिया के विशेष आतिथ्य में संपन्न हुआ।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रो विकास सिंह ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय और युजीसी का पत्र का क्रियान्वयन केवल कार्यक्रम बनकर ना रह जाये बल्कि यह युवाओं और जेन-जी के लिए वृहद् जनजागरण बने तथा यह कार्यक्रम भारत को पूर्ण रोजगारयुक्त बनाने एक स्वदेशी स्वतंत्रता आंदोलन के समान बनकर बेरोजगारी जैसे राक्षसी शब्द को समाप्त करने का रामबाण बने, स्वामी विवेकानंद की 164वीं जयंती 12 जनवरी 2026 को “रन फॉर स्वदेशी” राष्ट्रव्यापी युवा आउटरीच कार्यक्रम स्वदेशी जागरण मंच की पहल और माननीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान के निर्देश पर राष्ट्रीय युवा दिवस को युवा-सशक्तिकरण, आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण के शाश्वत संदेश के साथ युवाओं को स्वावलंबी रोजगारयुक्त बनाने का रामबाण जेन-जी जागरण है।
प्रो विकास सिंह ने आगे कहा कि स्वदेशी ही संकल्प-स्वदेशी ही समाधान के सूत्र तथा स्टार्टअप से स्टोर तक स्वदेशी की गूंज जन-आंदोलन बन गया है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न मंचों- लाल किला, मन की बात, औद्योगिक संस्थानों में स्वदेशी को आत्मनिर्भर और विकसित भारत के मूलमंत्र के रूप में बताया। पांच वॉल्यूम में स्वदेशी से स्टार्टअप एनसाइक्लोपीडिया होगी प्रकाशित
प्रो विकास ने आगे कहा कि
स्वदेशी शोध संस्थान के नेशनल कन्वर्जेंस तथा कोलैबोरेशन के केंद्रीय सदस्य वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ सत्यप्रिया ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि महाविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्र जैसे किसानों से जुड़ी संस्थानों में भी रन फॉर स्वदेशी में आयोजित किए जाएंगे। कृषि आधारित उद्यमिता तथा कृषि में युवाओं को ट्रिपलिंग इनकम के माध्यम से भारत को पूर्ण रोजगारयुक्त कैसे बनाया जा सकता है, इस दिशा में प्रतियोगिताएं आयोजित कराए जाएंगे तथा तकनीकी लेख भी प्रकाशित किये जाएंगे, इसके लिए देश के सभी संस्थाओं के साथ व्यापक बैठक भी किया जाएगा, इसमें अटारी और कृषि विज्ञान केंद्र के भी वैज्ञानिकों और युवा कृषकों को भी सम्मिलित किया जायेगा।


