जबलपुर में जैन समाज पर की गई अभद्र टिप्पणी को लेकर उपजा विवाद अब पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रहा है। बड़कुल होटल में मैनेजर और ग्राहक के बीच ठंडी भजिया देने को लेकर हुए विवाद के दौरान होटल मैनेजर द्वारा जैन समाज के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से समाज में भारी आक्रोश फैल गया था। इसके बाद बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने पहुंचे, लेकिन हालात बिगड़ने पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया।
इस लाठीचार्ज में जैन समाज के 7 से अधिक युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वहीं सब-इंस्पेक्टर अनिल गौर समेत कई पुलिसकर्मियों के भी घायल होने की बात सामने आई है। घटना के बाद घायल युवकों और समाज के प्रतिनिधियों ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एसपी संपत उपाध्याय से मुलाकात की और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
जैन समाज ने आरोप लगाया कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, इसके बावजूद पुलिस ने बर्बर लाठीचार्ज किया। समाज के लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि लाठीचार्ज में घायल लोगों को इलाज के लिए पुलिस द्वारा सहयोग नहीं किया गया। ज्ञापन सौंपते हुए समाज ने लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।
समाज के प्रतिनिधियों ने एसपी को स्पष्ट रूप से अवगत कराया कि यदि 24 घंटे के भीतर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो वे न्यायालय की शरण लेंगे। वहीं पुलिस का पक्ष है कि भीड़ द्वारा होटल में घुसने के प्रयास और पुलिस से झड़प की स्थिति बनने के बाद हालात काबू में करने के लिए लाठीचार्ज किया गया।
पुलिस ने जैन समाज के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसपी संपत उपाध्याय ने पूरे घटनाक्रम और लाठीचार्ज की जांच के निर्देश देते हुए निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है।


