जबलपुर के पनागर क्षेत्र में 16 दिसंबर को सराफा व्यापारी से हुई सनसनीखेज ज्वेलरी लूट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हथौड़ी, कट्टे और फायरिंग की दहशत के बीच अंजाम दी गई इस वारदात में तीन राज्यों में सक्रिय शातिर लुटेरों का गिरोह शामिल था। पुलिस ने इस मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके कब्जे से करीब 30 लाख रुपये की सोने-चांदी की ज्वेलरी, नगद राशि, दो मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
गौरतलब है कि 16 दिसंबर 2025 की शाम पनागर के जयप्रकाश वार्ड स्थित भूरा ज्वेलर्स के संचालक सुनील उर्फ भूरा सोनी अपने भतीजे कान्हा सोनी के साथ दुकान बंद कर ओला स्कूटर से घर लौट रहे थे। इसी दौरान सोनिया ज्वेलर्स के पीछे वाली गली में तीन मोटरसाइकिलों पर सवार छह बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। बदमाशों ने कट्टे की नोक पर मारपीट की, हथौड़ी से हमला किया और गोली चलाई, जो सुनील सोनी के कंधे में जा लगी। आरोपी तीन थैलों में रखे करीब 750 ग्राम सोना और 10 से 12 किलो चांदी लूटकर हाईवे की ओर फरार हो गए। हमले में सुनील सोनी, कान्हा सोनी और एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया था।
घटना के बाद पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, जिनमें कुछ संदिग्ध नजर आए। जांच में सामने आया कि लूट में शामिल बदमाश उत्तरप्रदेश के रहने वाले हैं। इसके बाद पुलिस की एक टीम यूपी रवाना की गई, जहां प्रयागराज से दीपक त्रिपाठी को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर नागपुर से गोविंद पांडे को भी पकड़ा गया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि लूट के बाद आरोपी जेवर लेकर किसी सुरक्षित ठिकाने पर नहीं गए, बल्कि बनखेड़ी-मनका पहाड़ी के घने जंगल पहुंचे, जहां गड्ढा खोदकर सोना-चांदी छिपा दी गई थी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 152 ग्राम सोना, 3010 ग्राम चांदी, 1 लाख रुपये नकद, सुपर स्प्लेंडर और अपाचे मोटरसाइकिल तथा मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार गिरोह का मास्टरमाइंड वीरेंद्र यादव वारदात के बाद उत्तरप्रदेश के एक अन्य मामले में प्रतापगढ़ जेल में बंद है, जिसका प्रोटेक्शन वारंट लिया जा रहा है। वहीं रवि पासी, सत्यम तिवारी और रंजीत यादव अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपी बेहद खतरनाक और पेशेवर अपराधी हैं, जिनके खिलाफ मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र में लूट और डकैती के कई मामले दर्ज हैं।


