जबलपुर से करीब 30 किलोमीटर दूर 20 दिसंबर को हुई युवक की हत्या की गुत्थी को जबलपुर पुलिस ने सुलझा लिया है। शहपुरा थाना पुलिस ने 15 दिन की कड़ी मेहनत के बाद इस सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में नमन तंतुवाय, अंकित कोरी, साहिल पूरी और अंकित उर्फ अंतू कोरी शामिल हैं, जो गढ़ा और दमोह क्षेत्र के रहने वाले हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि मंडला निवासी अजय बारहा की हत्या शराब पीने के दौरान हुए विवाद के चलते की गई थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा के अनुसार, घटना के समय अजय नशे की हालत में था और उसने गाली-गलौज कर दी थी। इसी बात से नाराज होकर चारों आरोपियों ने उसे पकड़कर एक कमरे में ले जाकर बेसबॉल से बेरहमी से पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को सफेद कपड़े में लपेटा, कपड़े उतार दिए ताकि पहचान न हो सके, और शहपुरा के पास सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए।
पुलिस के मुताबिक अजय बारहा की पत्नी रोशनी 16 दिसंबर को जबलपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुई थी और 17 दिसंबर को उसने बेटे को जन्म दिया था। 19 दिसंबर की शाम अजय मेडिकल कॉलेज से यह कहकर निकला था कि वह थोड़ी देर में लौटेगा, लेकिन वापस नहीं आया। देर रात तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने गढ़ा थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई।
इसी दौरान शहपुरा पुलिस को सड़क किनारे एक अज्ञात युवक का शव मिलने की सूचना मिली। जांच के दौरान मृतक की कलाई पर पत्नी का नाम ‘रोशनी’ लिखा मिला। पहचान न होने पर पुलिस ने शव की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल की, जिसके बाद उसकी पहचान मंडला निवासी अजय बारहा के रूप में हुई।
हत्या की जांच में शहपुरा थाना प्रभारी प्रवीण धुर्वे की टीम ने कटनी से सिवनी तक लगे टोल नाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। एक कैमरे में सफेद कार दिखाई दी, जिसमें कुछ लोग सफेद कपड़े में लिपटे शव को रखते नजर आए। इसी सुराग के आधार पर पुलिस गढ़ा तक पहुंची और अंततः चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और हत्या में प्रयुक्त सामग्री की बरामदगी भी की जा रही है। इस खुलासे के बाद अजय बारहा के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर संतोष जताया है।


