जबलपुर -भक्ति आंदोलन के प्रणेता और समरसता के संदेशवाहक जगदगुरु श्री रामानंदाचार्य के संदेश में सभी समाज में समानता का भाव है।उन्होंने जात-पाँत पूछे नहिं कोई, हरि को भजै सो हरि को होई” का अमर मंत्र दिया, जो आज भी समाज को एकजुट करने की शक्ति रखता है।
भक्ति की सुगम किया ,उन्होंने कठिन कर्मकांडों के बजाय सरल राम-भक्ति को जन-जन तक पहुँचाया।
उनकी शिष्य परंपरा में कबीर, रविदास और पीपा जैसे महान शिष्यों ने भारतीय अध्यात्म को नई ऊँचाइयाँ प्रदान कीं।
वैष्णव जनो की निर्गुण व सगुण रामभक्ति परंपरा के प्रवर्तक एवं सामाजिक चेतना के प्रतिष्ठापक महान संत “जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी महाराज” के आदर्शों पर चलना चाहिए उक्त उद्गार जगतगुरु नरसिंह पीठाधीश्वर डॉक्टर स्वामी नरसिंह देवाचार्य जी महाराज ने नरसिंह मंदिर में रामानंदाचार्य जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में कहे।
षोडशोपचार पूजन , अभिषेक,अर्चन आरती गुप्तेश्वर पीठाधीश्वर डा स्वामी मुकुंद दास जी महाराज,स्वामी बालकदास , श्याम साहनी, गुलशन मखीजा, रमेश शर्मा,विष्णु पटेल, अशोक शर्मा, जगदीश साहू, संदीप दुबे, मनीष पोपली, लालमन मिश्रा, हिमांशु सहित संत महात्माओं , सनातन धर्म महासभा, नरसिंह मंदिर गीता धाम भक्त परिवार ने पूजन अर्चन किया।


