April 3, 2026
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स्टारडम की चाहत और लालच ने डगमगा दिया था विवान शाह का करियर, माता-पिता की सलाह से बदला जीवन

मुंबई, 10 जनवरी साल 2011 में आई ‘सात खून माफ’, ‘हैप्पी न्यू ईयर’, और ‘बॉम्बे वेलवेट’ जैसी बड़ी फिल्मों में रोल पाने वाले विवान शाह भले ही फिल्मी बैकग्राउंड से आते हैं, लेकिन उन्हें फिल्में अपनी मेहनत के बलबूते पर मिली हैं। ‘सात खून माफ’ से काम करने के बाद उन्हें बैक टू बैक तीन फिल्में मिली थीं, जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। अभिनेता 11 जनवरी को अपना 36वां जन्मदिन मना रहे हैं।

11 जनवरी को मुंबई में जन्मे विवान फिल्मी बैकग्राउंड से आते हैं। वे नसीरुद्दीन शाह और रत्ना पाठक के बेटे हैं। विवान ने हमेशा अपने पिता को कला और एक्टिंग के प्रति समर्पित देखा और यही वजह रही थी कि वे भी कला और एक्टिंग को अपनी पूजा मानते हैं, लेकिन एक समय ऐसा आया, जहां अभिनेता को पछतावा हुआ कि उन्होंने अपने माता-पिता की बात क्यों नहीं मानी थी। ‘सात खून माफ,’ ‘हैप्पी न्यू ईयर,’ और ‘बॉम्बे वेलवेट’ जैसी फिल्मों में काम करने के बाद विवान को सुपरस्टार वाली फीलिंग आने लगी थी और इंडस्ट्री में उन्हें कुछ ऐसे लोगों का साथ मिला,

जिन्होंने उन्हें बड़े स्टार के बेटे होने का बार-बार एहसास दिलाया और विवान अपने काम से भटककर सिनेमा की चकाचौंध में खो गए, लेकिन उन्हें जल्द अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने अपने माता-पिता की उस सलाह को याद किया, जो उन्होंने करियर के शुरुआत में दी थी। एक इंटरव्यू में खुद विवान ने खुलासा किया था कि उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दौर में गलत निर्णय लिया था। उन्होंने कहा था कि जब मैंने 2010 में शुरुआत की थी, तब यह इंडस्ट्री बिल्कुल अलग थी।

स्टारडम की चाहत और लालच मुझमें भी थे, लेकिन मैंने कभी इसके लिए कोई खास मेहनत नहीं की। उन्होंने आगे कहा कि यह पूरी तरह मेरी गलती है कि मैं उस तरह की सोच का शिकार हो गया। मेरे माता-पिता ने हमेशा कहा था कि ऐसे लोगों से दूर रहना। वे मुझसे कहते थे कि अगर मुझे अभिनय में रुचि है और मैं इसे सचमुच पसंद करता हूं, तो मुझे अभिनेता बनना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर मैं स्टार बनना चाहता हूं, तो मुझे इसके लिए बहुत मेहनत करनी होगी। मुझे एक अलग तरह की मेहनत करनी होगी, जो मुझे बाकी सब लोगों से अलग बनाए। विवान शाह लगातार फिल्मों में सक्रिय हैं और उन्हें आखिरी बार फिल्म ‘इक्कीस’ में देखा गया था, जहां उन्होंने कैप्टन विजेंद्र मल्होत्रा का रोल प्ले किया है। अपने इस किरदार के लिए उन्हें काफी सराहना मिली है और उनके पिता नसीरुद्दीन शाह और मां रत्ना पाठक भी उनकी एक्टिंग से प्रभावित हुए हैं।

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