*महिला सशक्तिकरण पर बड़ा संकेत, भोपाल की सभी सीटों पर महिलाएं लड़ सकती हैं चुनाव*. अनूपपुर। भारतीय गणवार्ता भगवा पार्टी के जिला प्रवक्ता धर्मेंद्रकांत तिवारी ने बताया कि रविवार को भगवा पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय भोपाल में महिला सशक्तिकरण और संगठन सृजन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में भगवा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवाकांत शुक्ला, सुरेंद्र शुक्ला, प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार भार्गव, नव नियुक्त छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष देवेश मिश्रा, मध्यप्रदेश के नव नियुक्त संगठन मंत्री सविता चौहान, नव नियुक्त भोपाल महिला मोर्चा अध्यक्ष रेखा कार्यकारणी सदस्य मनीषा गुप्ता,मनमीत कौर, रूपाली जैन, जिलाध्यक्ष शाजापुर शंकरलाल पावर सहित राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर के पदाधिकारी उपस्थित रहे।बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवाकांत शुक्ला ने तीखे और स्पष्ट शब्दों में कहा कि सनातन परंपरा केवल पूजा-पाठ का विषय नहीं है, बल्कि समाज को दिशा देने वाली जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि गोमाता, नारी और संस्कार सनातन की मूल आत्मा हैं, लेकिन आज इन्हीं मूल्यों पर सबसे अधिक प्रहार हो रहा है। धर्मांतरण को उन्होंने सामाजिक ताने-बाने के लिए गंभीर चुनौती बताया और कहा कि संगठन इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा।राष्ट्रीय अध्यक्ष ने साफ शब्दों में कहा कि नारी सम्मान की बातें मंचों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यदि महिलाओं को वास्तव में सशक्त बनाना है, तो उन्हें निर्णय की कुर्सी तक पहुंचाना होगा। इसी क्रम में उन्होंने संकेत दिया कि आगामी निकाय चुनाव में भोपाल की सभी सीटों पर महिलाओं को चुनाव मैदान में उतारने को लेकर संगठन गंभीर और निर्णायक सोच के साथ आगे बढ़ रहा है।
प्रदेश संगठन मंत्री सविता चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन परंपरा में नारी को शक्ति, विद्या और सृजन का स्वरूप माना गया है। देवी परंपरा से लेकर परिवार और समाज की आधारशिला तक, नारी सम्मान हमारे संस्कारों में रचा-बसा है। उन्होंने कहा कि संगठन सनातन मूल्यों को केवल धार्मिक कर्मकांड तक सीमित न रखकर, उन्हें आचरण, शिक्षा और सामाजिक जीवन में उतारने के लिए निरंतर प्रयासरत है।उन्होंने महिलाओं और बच्चियों के साथ हो रहे अपराधों पर चिंता जताते हुए कहा कि यह पूरे समाज के लिए आत्ममंथन का विषय है। यदि सनातन मूल्यों को सही अर्थों में अपनाया जाए, तो ऐसे अपराधों पर स्वाभाविक रूप से रोक लगेगी। नारी सम्मान केवल कानून से नहीं, बल्कि संस्कार और सोच से मजबूत होता है। छत्तीसगढ़ नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष देवेश मिश्रा ने भी संगठन को मजबूत करने और धर्मांतरण के खिलाफ एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया। बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों ने महिला सशक्तिकरण, सामाजिक जागरूकता और संगठन विस्तार के लिए समन्वित प्रयासों की प्रतिबद्धता दोहराई।


