*संभाग स्तरीय कार्यशालाओं की श्रृंखला में शहडोल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन के बाद जबलपुर संभाग में कार्यशाला हुई संपन्न*
जबलपुर स नगरीय प्रशासन एवं विकास, जबलपुर संभाग द्वारा वर्ष 2026 में किए जाने वाले पौधारोपण की तैयारी को दृष्टिगत “पौधारोपण एवं पौध संरक्षण” विषय पर संभाग अंतर्गत आने वाले नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी, पौधारोपण प्रभारी, नोडल अधिकारी, निकाय के उद्यान अधिकारी, मालियों तथा स्व सहायता समूह की महिलाओं को और अधिक दक्ष बनाने एकदिवसीय प्रशिक्षण सह क्षमतावर्धन संभाग स्तरीय कार्यशाला का आयोजन स्मार्ट सिटी के मानस भवन सभागार में संपन्न हुआ। पौधारोपण कार्यशाला को संबोधित करते हुए नगर निगम जबलपुर के अपर आयुक्त अरविंद शाह ने सभी निकाय प्रभारी, सी.एम.ओ. तथा नोडल अधिकारियों से अपील की कि वे विकास कार्यों के साथ हरित विकास को भी अनिवार्य करें। नगरीय क्षेत्र में पौधारोपण कर उनके रखरखाव में अन्य क्षेत्रों जैसे वनक्षेत्र, ग्रामीण क्षेत्र की तुलना में अधिक सुरक्षा और देखरेख की आवश्यकता होती है। अतः अभियान चलाकर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं, एन.जी.ओ. आदि से समन्वयकर करें ताकि अधिक से अधिक जन-सहभागिता सुनिश्चित हो सके और पौधों की देखभाल में सहायता प्राप्त हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि लगातार बढ़ती शहरी आबादी, शहरी अवसंरचना परियोजनाएं, औद्योगिकरण आदि के कारण शहरों का पर्यावरण प्रभावित हो रहा है। जरूरत इस बात की है कि जन भागीदारी से हम शहरों में हरित क्षेत्र को बढ़ायें।
कार्यशाला का उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में हरित क्षेत्र के विस्तार और पर्यावरण संरक्षण जुड़ी गतिविधियों और पौधारोपण पहल का प्रसार करना है।
कार्यशाला में आगामी वर्षा ऋतु में जिन स्थानों पर पौधारोपण किया जाना है उसका चिन्हांकन माह जनवरी तक अनिवार्य रूप से कर लें और माह मार्च से मई के मध्य गड्ढे की खुदाई कर ले, आवश्यक पौधों हेतु वन विभाग तथा उद्यान की विभाग की नर्सरींयों में पौधे आरक्षित कर लें। स्थानी प्रजातियों को अधिक प्राथमिकता दें क्योंकि उनकी जीवितता बाहरी प्रजाति की तुलना में अधिक होती है।
व्यापक स्तर पर तैयारी किए जाने के संबंध में संचालनालय द्वारा निर्देश पत्र भी जारी किए गए हैं। शासकीय भवन परिसर, कॉलेज एवं स्कूल परिसर के आस-पास पौधरोपण किया जाये।
*देवऋण से मुक्ति हेतु करें – पर्यावरण संरक्षण*
*पर्यावरण संतुलन के लिए वृक्षारोपण आवश्यक*
परमेश जलोटे, संभागीय संयुक्त संचालक ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले नगरी निकायों के अनुभव साझा करने के साथ ही निम्न प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों से उनकी परेशानियों और लक्ष्य अनुरूप पौधारोपण नहीं करने पर भी चर्चा की। जिसमें प्रमुख रूप से स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की गई, ऐसे नगरी निकाय जहां उत्कृष्ट कार्य हुए हैं इसका कारण उन निकायों के स्थानीय जनप्रतिनिधि या निकाय के नेतृत्व द्वारा व्यक्तिगत रुचि लेकर कार्य करना था।
*प्रदेश में सवा करोड़ : जबलपुर संभाग में 17.50 लाख होगा पौधरोपण*
वर्ष 2026 में प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में सवा करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। सभी नगरी निकायों की जनसंख्या के अनुरूप उन्हें पौधारोपण लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। जबलपुर संभाग में कुल 59 नगरीय निकाय है जिसमें तीन नगर पालिक निगम शामिल है, संभाग की कुल शहरी आबादी के विरुद्ध लगभग 17.50 लाख पौधारोपण लक्ष्य निर्धारित किया गया है। औद्योगिक क्षेत्र वाले नगरी निकायों से लक्ष्य के अतिरिक्त पौधारोपण की अपेक्षा।
व्यापक पौधरोपण और वृक्षों की सुरक्षा की जिम्मेदारी शत-प्रतिशत जनभागीदारी से सफल हो सकती है। पौधरोपण के साथ उनकी 1-2 वर्ष तक निगरानी एवं सुरक्षा से जुड़ी कार्य योजना बनाया जाना भी है आवश्यक।
*विषय विशेषज्ञों ने दी जानकारी*
कार्यशाला में अशोक मिश्रा ने 2026 की तैयारी, सर्वेश तिवारी ने पौधारोपण की तकनीकी एवं रखरखाव, टी.एफ.आर.आई. के विशेषज्ञ निखिल वर्मा ने पौधों की प्रजाति एवं पौधारोपण की सावधानियां, विवेक शर्मा ने अमृत मित्र पहल, वूमेन4ट्री तथा प्रचार प्रसार गतिविधियों की जानकारी दी। सामाजिक संस्था कदम के प्रतिनिधि राजीव चतुर्वेदी ने संस्था द्वारा किए जा रहे पर्यावरणी कार्यों की जानकारी भी दी। कार्यशाला में चांद, बारासिवनी, बालाघाट, जुन्नारदेव तथा भेड़ाघाट नगरी निकायों के अभिनव पहल पर केन्द्रित फिल्मों का प्रदर्शन किया गया।
निर्धारित लक्ष्य से लगभग दोगुने से अधिक पौधारोपण करने एवं व्यक्तिगत रुचि लेकर कार्य करने वाले नगर पालिका परिषद चांद, जिला छिंदवाड़ा के अध्यक्ष दान सिंह पटेल ने अपना अनुभव साझा किया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले नगरी निकायों को सम्मानित भी किया गया।


