जबलपुर। जनवरी माह से यूज्ड कार की दुकानों से चारपहिया वाहनों की खरीद-बिक्री के लिए आरटीओ से लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद शहर के अधिकांश यूज्ड कार विक्रेता पंजीयन कराने से बचते नजर आ रहे हैं। नियम लागू होने के बाद भी बिना लाइसेंस पुराने वाहनों का कारोबार धड़ल्ले से जारी है।
संभागीय परिवहन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जनवरी से केवल पंजीकृत और लाइसेंसधारी दुकानों के माध्यम से ही यूज्ड कार की खरीद-बिक्री मान्य होगी। इस संबंध में 24 दिसंबर को आरटीओ कार्यालय में कार व्यापारियों के साथ बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें उन्हें 10 दिन के भीतर पंजीयन प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए थे।
उप क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी संतोष पाल ने बताया कि लाइसेंस के लिए वाहन पोर्टल पर 25 हजार रुपये शुल्क जमा कर पंजीयन कराना होगा। इसके बाद परिवहन विभाग द्वारा दुकान का निरीक्षण कर आवश्यक सुविधाओं के आधार पर लाइसेंस जारी किया जाएगा। नियमों का पालन नहीं करने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
नए प्रावधानों के अनुसार वाहन स्वामी अपने पुराने वाहन की बिक्री केवल अधिकृत डीलर के माध्यम से ही कर सकेगा। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित फार्म-29सी के तहत आरटीओ को पूर्व सूचना देना अनिवार्य होगा। सूचना के बाद अधिकृत डीलर वाहन का डीम्ड ओनर माना जाएगा और उसी के माध्यम से आगे बिक्री संभव होगी।
परिवहन विभाग का कहना है कि इससे फिटनेस, बीमा और परमिट से जुड़ी अनियमितताओं पर रोक लगेगी और अब इन सभी जिम्मेदारियों के लिए लाइसेंसधारी दुकानदार जवाबदेह होंगे।


