जबलपुर। मकरसंक्रांति के मौके पर पतंग उड़ाने की पुरानी परंपरा जहां लोगों को खुशी देती है, वहीं चाइनीज मांझा इस उत्सव को जानलेवा बना रहा है। सूती धागे की जगह इस्तेमाल हो रहा चाइनीज मांझा न सिर्फ पक्षियों और पशुओं की जान ले रहा है, बल्कि इंसानों के गले, कान और हाथ काटकर गंभीर हादसों का कारण भी बन रहा है। इसी को देखते हुए जबलपुर पुलिस ने चाइनीज मांझे के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि लॉर्डगंज थाना क्षेत्र के औजारपुरा गली नंबर-4 में चोरी-छिपे चाइनीज मांझा बेचा जा रहा है। कार्रवाई के दौरान दुकानदार सुनील साहू के पास से करीब 10 हजार रुपए का चाइनीज मांझा बरामद किया गया। पूछताछ में दुकानदार ने बताया कि उसने यह मांझा कोतवाली थाने के सामने रहने वाले मोहम्मद हिदायत से खरीदा था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज करते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान यह भी सामने आया कि कई दुकानदार खुले तौर पर चाइनीज मांझा रखने से इनकार कर रहे हैं, लेकिन चोरी-छिपे बाजार में इसकी बिक्री जारी है। हैरानी की बात यह है कि दुकानों पर भले ही यह मांझा न मिले, लेकिन बच्चों और युवाओं के पास यह आसानी से मिल जाता है, जिससे वे पतंग उड़ाते नजर आते हैं। यह मांझा नायलॉन और सिंथेटिक धागे से बना होता है, जिस पर कांच और मेटल पाउडर की कोटिंग की जाती है। इसकी धार इतनी तेज होती है कि यह ब्लेड से भी ज्यादा खतरनाक साबित होता है।
चाइनीज मांझे से हो रही लगातार घटनाओं को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने भी स्वतः संज्ञान लिया था। हाईकोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार ने कई जिलों में इसके निर्माण, भंडारण और बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया है। इसके बावजूद चोरी-छिपे इसकी बिक्री जारी है। जबलपुर पुलिस का कहना है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है और राजस्व विभाग के साथ मिलकर संयुक्त टीमें कार्रवाई में जुटी हैं।
हाल ही में इंदौर में चाइनीज मांझे से एक पुजारी का गला कटने की घटना के बाद यह मुद्दा और गंभीर हो गया है। बावजूद इसके, बाजार में इसकी अवैध बिक्री कई सवाल खड़े कर रही है। पुलिस और प्रशासन का कहना है कि चाइनीज मांझा बेचने और इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि मकरसंक्रांति का त्योहार सुरक्षित तरीके से मनाया जा सके।


