जबलपुर। शहर में आयोजित लोधी महासभा एवं जिला ग्रामीण लोधी महासभा के संयुक्त महासम्मेलन में रविवार को समाज की राजनीतिक भागीदारी को लेकर बड़ा स्वर उठा। सम्मेलन में वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि लोधी समाज ने देश और प्रदेश के लिए ऐतिहासिक बलिदान दिए हैं, ऐसे में अब समय आ गया है कि मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री लोधी समाज से बनाया जाए।
महासम्मेलन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि 1842 से 1857 की क्रांति में लोधी समाज के वीरों ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। आजादी की लड़ाई से लेकर सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों तक समाज की भूमिका हमेशा अग्रणी रही है। वक्ताओं ने यह भी कहा कि राम मंदिर आंदोलन को जन-आंदोलन का रूप देने में लोधी समाज की अहम भूमिका रही, जिसके बाद भाजपा को केंद्र और कई राज्यों में सरकार बनाने का अवसर मिला।
इस दौरान भारत के लोधी समाज के लिए वैभव सिंह हिंडोरिया द्वारा एक प्रस्ताव रखा गया, जिसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर लोधी समाज के व्यक्ति को नियुक्त किए जाने की मांग की गई। प्रस्ताव रखते ही पूरे पंडाल में मौजूद समाजजनों ने दोनों हाथ उठाकर एकजुटता के साथ समर्थन जताया, जिससे सम्मेलन में उत्साह और ऊर्जा का माहौल बन गया।
वक्ताओं ने कहा कि लोधी समाज संख्या और संगठन दोनों दृष्टि से मजबूत है, लेकिन राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया में उसे आज तक वह स्थान नहीं मिला, जिसका वह हकदार है। अब समाज अपने अधिकारों और प्रतिनिधित्व को लेकर जागरूक हो चुका है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात मजबूती से रखेगा।
महासम्मेलन में बड़ी संख्या में स्वजातीय बंधु शामिल हुए। समाज के वरिष्ठजनों, युवाओं और महिला प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बना दिया। अंत में यह संकल्प लिया गया कि समाज की इस मांग को प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जाएगा, ताकि लोधी समाज को उसका उचित राजनीतिक सम्मान और नेतृत्व मिल सके।


