जबलपुर में कानून व्यवस्था को लेकर सियासी माहौल गरमाने लगा है। पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक लखन घनघोरिया ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 20 जनवरी को शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन और सांकेतिक घेराव का ऐलान किया है। इस संबंध में रविवार को बराट रोड स्थित होटल बिंग विग में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
इस अवसर पर नगर कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा, वरिष्ठ नेता दिनेश यादव, कदीर सोनी सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए विधायक लखन घनघोरिया ने कहा कि जबलपुर शहर में विधि द्वारा स्थापित शासन व्यवस्था का लगातार क्षरण हो रहा है। कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है और पुलिस प्रशासन संगठित व असंगठित अपराधों पर नियंत्रण करने में पूरी तरह असफल साबित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या, चोरी, डकैती, चाकूबाजी, हफ्ता वसूली जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम है।
घनघोरिया ने कहा कि शहर में जुआ-सट्टा, अवैध शराब, गांजा और नशीले इंजेक्शन जैसे नाइट्राबिट, ओबिन और एबल की खुलेआम बिक्री हो रही है। इन सस्ते नशों के कारण अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन अवैध गतिविधियों को पुलिस का संरक्षण प्राप्त है और मादक पदार्थों के नेटवर्क पर कठोर वैधानिक कार्रवाई नहीं की जा रही।
यातायात व्यवस्था को लेकर भी विधायक ने पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शहर में जहां-जहां जाम की स्थिति बनती है, वहां पुलिस नदारद रहती है, जबकि यातायात के नाम पर अवैध वसूली पूरे शहर में जारी है। ई-रिक्शा चालकों को हर चौराहे पर रोका जाता है और चालान के नाम पर परेशान किया जाता है। पुलिस व्यवस्था सुधारने के बजाय जनता को लूटने में लगी हुई है।
विधायक घनघोरिया ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों के दबाव में काम कर रहा है और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को झूठे मामलों में फंसाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि जब शहर में पत्रकार भी सुरक्षित नहीं हैं और उनके खिलाफ साजिशें हो रही हैं, तो आम जनता की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
इन तमाम मुद्दों को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा 20 जनवरी, मंगलवार को दोपहर 1 बजे बाई का बगीचा स्थित रामलीला मैदान से पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन और सांकेतिक घेराव किया जाएगा। इस आंदोलन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, निर्वाचित जनप्रतिनिधि, संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में जागरूक नागरिक शामिल होंगे।
अंत में विधायक लखन घनघोरिया ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। जब आजादी आंदोलन के दौरान विरोध और आंदोलनों से अंग्रेजों को देश छोड़ना पड़ा, तो आज भी जनता अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएगी। यदि प्रशासन नहीं सुनेगा, तो जनता लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करती रहेगी।


