April 11, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

एमबी पावर (म.प्र.) लिमिटेड, जैतहरी में रेल लोडिंग टर्मिनल का उद्घाटन
अल्ट्राटेक सीमेंट, मैहर के लिए पहली फ्लाई ऐश रैक को जिला कलेक्टर ने दिखाई हरी झंडी
जैतहरी, अनूपपुर


एमबी पावर (मध्य प्रदेश) लिमिटेड, जैतहरी द्वारा फ्लाई ऐश की आपूर्ति हेतु स्थापित रेल लोडिंग टर्मिनल के उद्घाटन एवं पहली रेल रैक के प्रेषण के अवसर पर एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला कलेक्टर  हर्षल पंचोली ने एमबी पावर (म.प्र.) लिमिटेड, जैतहरी से अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड के मैहर स्थित सीमेंट संयंत्र के लिए फ्लाई ऐश से लदी पहली रेल रैक को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और इस महत्वाकांक्षी परियोजना का औपचारिक शुभारंभ किया।
समारोह में जिला कलेक्टर  हर्षल पंचोली ने कहा,“फ्लाई ऐश के प्रभावी उपयोग के लिए एमबी पावर (म.प्र.) लिमिटेड द्वारा की गई यह पहल पर्यावरण संरक्षण एवं सतत औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अल्ट्राटेक सीमेंट के साथ यह सहयोग औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ करता है तथा स्वच्छ पर्यावरण के लिए जिम्मेदार संसाधन उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।”
कंपनी प्रबंधन की ओर से मानव संसाधन प्रमुख  आर. के. खटाना ने कहा,“एमबी पावर सदैव पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी औद्योगिक संचालन एवं नियामक दिशानिर्देशों के कड़ाई से अनुपालन के लिए प्रतिबद्ध रही है। अल्ट्राटेक सीमेंट को फ्लाई ऐश आपूर्ति की शुरुआत हमारे लिए गर्व का विषय है। यह परियोजना न केवल हमारी परिचालन दक्षता को दर्शाती है, बल्कि ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की अवधारणा को भी साकार करती है।”
ऑपरेशन और मेंटेनेंस प्रमुख  टी. एम. पाई ने कहा,“हमारी तकनीकी एवं परिचालन टीमों ने फ्लाई ऐश की निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी की हैं। रेल रैक के माध्यम से परिवहन अधिक सुरक्षित, किफायती एवं पर्यावरण के अनुकूल होगा। यह परियोजना हमारी परिचालन दक्षता एवं सुरक्षा मानकों को और मजबूत करती है।”
रेल मार्ग से फ्लाई ऐश के परिवहन के आरंभ होने से सड़क मार्ग द्वारा होने वाला परिवहन उल्लेखनीय रूप से कम होगा, जिससे धूल उत्सर्जन में कमी आएगी तथा आसपास के क्षेत्र को पर्यावरणीय लाभ प्राप्त होगा।
अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड की ओर से प्रतिनिधि  अनिल महेश्वरी ने कहा,
“एमबी पावर के साथ यह साझेदारी अल्ट्राटेक सीमेंट की सतत निर्माण प्रक्रिया एवं हरित विकास के प्रति प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती है। फ्लाई ऐश के उपयोग से उत्पादन में सुधार होगा तथा कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में भी सहायता मिलेगी। हम इस दीर्घकालिक सहयोग को लेकर अत्यंत आशावान हैं।”
उल्लेखनीय है कि एमबी पावर (मध्य प्रदेश) लिमिटेड ने आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड के साथ फ्लाई ऐश आपूर्ति एवं समर्पित रेल लोडिंग टर्मिनल के विकास हेतु दीर्घकालिक समझौता किया है। इस समझौते का उद्देश्य अनूपपुर जिले स्थित एमबी पावर के जैतहरी ताप विद्युत संयंत्र से उत्पन्न फ्लाई ऐश का सतत एवं पर्यावरण अनुकूल उपयोग सुनिश्चित करना है।
फ्लाई ऐश के कुशल एवं पर्यावरण सुरक्षित प्रबंधन हेतु अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड द्वारा ताप विद्युत संयंत्र परिसर में 1,000 मीट्रिक टन क्षमता के चार साइलो स्थापित किए गए हैं। ताप इकाइयों से उत्पन्न फ्लाई ऐश को सीलबंद पाइपलाइन प्रणाली के माध्यम से इन साइलो में पहुंचाया जाएगा तथा इसके पश्चात बंद एवं खुले रेलवे वैगनों जैसे बीसीएफसी, बीटीएपी एवं बॉक्सएन में लोड किया जाएगा।
एमबी पावर (म.प्र.) लिमिटेड एवं अल्ट्राटेक सीमेंट के मैहर संयंत्र के बीच 58 बंद बीसीएफसी वैगनों की एक समर्पित रेल रैक संचालित की जाएगी। बंद वैगनों के उपयोग से प्रदूषण रहित एवं सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित होगा, जिससे धूल उत्सर्जन एवं पर्यावरणीय प्रभावों में उल्लेखनीय कमी आएगी।यह सहयोग परिपत्र अर्थव्यवस्था (Circular Economy) के सिद्धांतों को प्रोत्साहित करता है, जिसके अंतर्गत औद्योगिक उप-उत्पादों को सीमेंट निर्माण के लिए उपयोगी संसाधनों में परिवर्तित किया जाता है तथा दोनों कंपनियों की सतत एवं जिम्मेदार औद्योगिक कार्यप्रणाली के प्रति प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करता है।
इस उद्घाटन समारोह में एमबी पावर (म.प्र.) लिमिटेड एवं अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड के सैकड़ों अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे, जिससे यह आयोजन अत्यंत सफल एवं भव्य रहा।

अन्य ख़बरें

पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सम्पत उपाध्याय ने ली अपराध समीक्षा बैठक,

Newsdesk

मध्य प्रदेश इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर पर मेडिकल हब बनाएगा: डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला

Newsdesk

उज्जैन: बोरवेल में गिरे बच्चे की मौत पर सीएम ने जताया दुःख, 4 लाख रुपए की अनुग्रह राशि की घोषणा

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading