बालाघाट जिले में निवास करने वाली विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा की संस्कृति, परंपराओं एवं लोक विरासत के संरक्षण के उद्देश्य से कलेक्टर श्री मृणाल मीना के मार्गदर्शन में प्रगति मैदान मलाजखंड में 17 एवं 18 जनवरी को आयोजित दो दिवसीय बैगा महोत्सव का 18 जनवरी को भव्य एवं समारोहपूर्वक समापन किया गया।
समापन कार्यक्रम में बैगा जनजाति के छात्र-छात्राओं एवं समुदाय के लोगों द्वारा मनमोहक पारंपरिक एवं जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुतियां दी गईं। इन नृत्यों के माध्यम से प्रकृति, नदी, पहाड़ और जंगल से जुड़ी बैगा संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन किया गया, जिसे दर्शकों ने सराहा।
समापन अवसर पर बैगा समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री झामसिंह तेकाम, उपाध्यक्ष श्री छन्नू बैगा, बिरसा ब्लॉक अध्यक्ष श्री धन सिंह धुर्वे, नागा बैगा-बैगीन समाज के श्री पहल सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता श्री दशरथ सिंह धुर्वे, विधायक श्री संजय उईके, विधायक श्री मधु भगत, श्रीमती अनुभा मुंजारे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सम्राट सिंह सरस्वार, पूर्व मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन, पूर्व विधायक श्री भगत सिंह नेताम, कलेक्टर श्री मृणाल मीना, बैहर एसडीएम श्री अर्पित गुप्ता, परसवाड़ा एसडीएम श्री श्रीश प्यासी, सांसद प्रतिनिधि श्री गुड्डा मरकाम, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती मरकाम, जनपद पंचायत परसवाड़ा अध्यक्ष श्री समल सिंह धुर्वे, जनपद उपाध्यक्ष श्री हेमन्त साहू, श्री रंजीत बैस, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्रीमती शकुंतला डामोर, नगरपालिका मलाजखंड अध्यक्ष श्री मानसिंह मेरावी, पार्षदगण, विद्यालयों के प्राचार्य, पीटीआई, बैगा जनजाति के छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में जनसमुदाय उपस्थित रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री संजय उईके ने कहा कि बैगा जनजाति की परंपराओं और संस्कृति के संरक्षण हेतु बालाघाट जिला प्रशासन द्वारा की गई यह पहल सराहनीय है। उन्होंने आयोजन को सफल बताते हुए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया और कहा कि बैगा जनजाति के विकास के साथ-साथ उन्हें सम्मान देना भी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बैगा, भारिया एवं सहारिया तीन विशेष पिछड़ी जनजातियां हैं तथा बैगा जनजाति प्रदेश के छह जिलों में निवास करती है। अन्य जिलों में निवास करने पर जाति प्रमाण पत्र संबंधी समस्याओं पर भी ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने बैगा जनजाति के शिक्षित युवाओं को शासकीय सेवा में सीधी भर्ती एवं परंपरागत कार्यों में कौशल उन्नयन प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम को विधायक श्री मधु भगत, श्रीमती अनुभा मुंजारे, पूर्व मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन एवं पूर्व विधायक श्री भगत सिंह नेताम ने भी संबोधित किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अंतर्गत कन्या शिक्षा परिसर बिरसा, बैहर, परसवाड़ा, दमोह एवं परसामऊ छात्रावास की बैगा छात्राओं ने कर्मा, शैला एवं बैगा नृत्य प्रस्तुत किए, वहीं मलाजखंड की छात्राओं द्वारा गोंडी नृत्य और कोरका एवं मोहनपुर के बैगा समुदाय द्वारा पारंपरिक बैगा नृत्य की प्रस्तुति दी गई।


