जबलपुर। जबलपुर के बरेला थाना क्षेत्र में हुए भीषण हिट एंड रन हादसे को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। हादसे में मृतकों की संख्या अब 2 से बढ़कर 5 हो गई है। इस घटना के विरोध में नाराज परिजन और स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया, जिससे करीब 5 से 6 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रदर्शनकारी मुआवजा राशि बढ़ाने और मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने की मांग को लेकर लगातार नारेबाजी कर रहे हैं।
रविवार दोपहर हुए इस हादसे में चैनवती बाई (40) और लच्छो बाई (40) की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 11 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान रविवार देर रात गोमता बाई पति नवाबी लाल (40), वर्षा कुशराम पति कमलेश (45) और कृष्णा बाई पति संजू (40) ने दम तोड़ दिया। सभी मृतक और घायल मंडला जिले के बीजाडांडी थाना क्षेत्र के बिहारिया गांव के निवासी थे, जो बीते डेढ़ महीने से जबलपुर में मजदूरी कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार, मजदूर सड़क किनारे बैठकर भोजन कर रहे थे, तभी बरेला से जबलपुर की ओर आ रही सफेद रंग की तेज रफ्तार कार ने उन्हें कुचल दिया। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दुर्घटनाग्रस्त कार बिना नंबर की थी।
हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार को सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रशासन की ओर से घोषित मुआवजा अपर्याप्त है और मृतकों के परिवारों को आर्थिक सुरक्षा के लिए सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। एएसपी जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई है, जो आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। घटनास्थल से लेकर आसपास के इलाकों और टोल नाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
पुलिस जांच में कार चालक की पहचान मझौली निवासी लखन सोनी के रूप में हुई है। कार दीपक सोनी के नाम पर पंजीकृत बताई जा रही है, जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। आरोपी लखन सोनी पेशे से फिजियोथेरेपिस्ट है और घटना के बाद से फरार चल रहा है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
फिलहाल चक्काजाम के चलते यातायात प्रभावित है और प्रशासन प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर हालात सामान्य करने का प्रयास कर रहा है।


