बरघाट – धान खरीदी केंद्र मलारा में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। किसानों और स्थानीय लोगों का कहना है कि केंद्र पर सरकारी मापदंडों को दरकिनार कर निर्धारित सीमा से अधिक धान की भर्ती की जा रही है। इसके साथ ही घटिया गुणवत्ता की धान, जिसमें डस्ट (भूसा/मिट्टी) मिलाकर तौल की जा रही है, खुलेआम खरीदी जा रही है।
आरोप है कि जहां शासन द्वारा तय मानकों के अनुसार ही धान की खरीदी होनी चाहिए, वहीं मलारा केंद्र पर गुणवत्ता जांच को नजरअंदाज किया जा रहा है। इससे एक ओर ईमानदार किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है, तो दूसरी ओर नियमों को तोड़कर धान देने वालों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
किसानों का कहना है कि अच्छी और साफ धान लेकर आने पर उन्हें नमी और क्वालिटी के नाम पर रोका जाता है, जबकि डस्ट मिली घटिया धान को बिना किसी आपत्ति के तोल लिया जाता है। इससे शासन को भी आर्थिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच दल भेजा जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और धान खरीदी में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।


