April 3, 2026
सी टाइम्स
जीवनशैलीराष्ट्रीयहेल्थ एंड साइंस

हरड़ को क्यों कहा जाता है अमृत? आयुर्वेद से जानिए चमत्कारी फायदे



नई दिल्ली, 21 जनवरी आयुर्वेद में हरड़ (हरितकी) को ‘अमृत’ के समान माना गया है। इसकी वजह यह है कि हरड़ सिर्फ किसी एक बीमारी पर काम नहीं करती, बल्कि पूरे शरीर को भीतर से संतुलित और मजबूत बनाती है। चरक संहिता में इसे त्रिदोष नाशक बताया गया है, यानी यह वात, पित्त और कफ तीनों दोषों को संतुलन में रखती है।

हरड़ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह शरीर की जरूरत के हिसाब से काम करती है। अगर किसी को कब्ज है, तो यह आंतों की सफाई करती है और अगर दस्त की प्रवृत्ति है, तो आंतों को मजबूत बनाती है। यही वजह है कि इसे एक एडाप्टोजेनिक हर्ब कहा जाता है।

हरड़ शरीर का ‘स्मार्ट मैकेनिक’ है जो जहां गड़बड़ी होती है, वहीं सुधार शुरू कर देती है। पेट से जुड़ी ज्यादातर समस्याओं जैसे गैस, अपच, एसिडिटी और भारीपन में हरड़ बेहद असरदार मानी जाती है।

आयुर्वेद के अनुसार, बीमारी की जड़ शरीर में जमा आम होता है, यानी अधपचा और विषैला पदार्थ। हरड़ इस आम को बाहर निकालने का काम करती है। जब शरीर साफ होता है, तो उसका असर त्वचा, बाल और आंखों पर भी साफ दिखाई देता है। चेहरे की रंगत सुधरना, मुंह के छाले ठीक होना और बालों का झड़ना कम होना ये सब हरड़ के नियमित और सही उपयोग से संभव है। यही कारण है कि आयुर्वेद में इसे रसायन की श्रेणी में रखा गया है, जो शरीर को अंदर से नया बनाती है।

हरड़ को अमृत कहे जाने का एक बड़ा कारण इसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना भी है। बदलते मौसम में बार-बार सर्दी-जुकाम होना, गले में कफ जमना या जल्दी थक जाना, इन सब में हरड़ शरीर की रक्षा ढाल की तरह काम करती है। यह लिवर को भी मजबूत करती है, जिससे खून साफ रहता है और ऊर्जा बनी रहती है।

हालांकि हरड़ जितनी फायदेमंद है, उतनी ही सावधानी भी जरूरी है। बहुत अधिक मात्रा लेने से दस्त या कमजोरी हो सकती है। गर्भवती महिलाओं और बहुत ज्यादा कमजोर लोगों को इसका सेवन बिना वैद्य की सलाह के नहीं करना चाहिए।

अन्य ख़बरें

हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं कच्चा प्याज, इन लोगों को हो सकता है नुकसान

Newsdesk

हृदय रोग का लक्षण हो सकता है बाएं हाथ में दर्द, जानें क्या करें और क्या नहीं

Newsdesk

फटे होंठ से लेकर झुर्रियों तक, इन चीजों को वैसलीन में मिलाकर उपयोग करने से मिलेगा आराम

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading