April 3, 2026
सी टाइम्स
अंतरराष्ट्रीय

नामीबिया के स्वतंत्रता संग्राम में साथ देने वाले देशों में से एक है भारत



नई दिल्ली, 21 जनवरी भारत और नामीबिया के बीच ऐतिहासिक संबंध है। 1946 में संयुक्त राष्ट्र में नामीबिया की आजादी का मुद्दा उठाने वाले देशों में भारत का नाम भी शामिल है। भारत ने नामीबियाई स्वतंत्रता संग्राम का समर्थन किया था। दोनों देशों के बीच के संबंध ऐतिहासिक और रणनीतिक रूप से मजबूत रहे हैं। 

अफ्रीका में नामीबिया को भारत का एक अहम और भरोसेमंद साझेदार माना जाता है। नामीबिया दक्षिणी अफ्रीका का एक विशाल लेकिन कम आबादी वाला देश है। इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 8.25 लाख वर्ग किलोमीटर है। वर्ल्डमीटर के अनुसार इसकी जनसंख्या 3,126,347 के आसपास है। नामीबिया प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। यह खनिज, ऊर्जा और समुद्री संसाधनों के लिए जाना जाता है।

1990 में नामीबिया की आजादी के बाद दोनों देशों के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध स्थापित हुए। भारत का उच्चायोग विंडहोक में है, जो दोनों देशों के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक सहयोग को मजबूत करता है।

रणनीतिक दृष्टि से नामीबिया और भारत संयुक्त राष्ट्र, गुटनिरपेक्ष आंदोलन (एनएएम), और कॉमनवेल्थ जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे का समर्थन करते हैं। भारत और नामीबिया के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है। खासकर प्राकृतिक संसाधनों और ऊर्जा क्षेत्र में दोनों देशों के व्यापारिक संबंध गहरे हो रहे हैं।

भारत और नामीबिया के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव का केंद्र योग और आयुर्वेद है। इसके अलावा, भारतीय संस्कृति को नामीबिया में काफी सम्मान और रुचि के साथ देखा जाता है। हालांकि, यहां भारतीय समुदाय काफी छोटी है, लेकिन फिर भी सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाता है। दोनों देशों के बीच शिक्षा और छात्रवृत्ति के जरिये भी संबंध बढ़ रहा है।

नामीबिया में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यहां के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एंशिएंट वेलविट्शिया मिराबिलिस’ से सम्मानित किया जा चुका है। यह दोनों देशों के बीच के संबंधों की मजबूती को दर्शाता है।

नामीबिया से भारत को यूरेनियम, अन्य खनिज, हीरे, कीमती पत्थर, तांबा और जिंक जैसे मेटल, समुद्री उत्पाद, पेट्रोलियम, ऊर्जा, मशीनरी और उपकरण आयात होते हैं।

इसके अलावा, भारत से नामीबिया को पेट्रोलियम उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, मशीनरी, वाहन, चावल (गैर-बासमती सहित), गेहूं, दालें और मसाले, ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स, इंजीनियरिंग सामान और रक्षा उपकरण निर्यात होते हैं। इसके अलावा, भारतीय कंपनियां नामीबिया के माइनिंग, एनर्जी, हेल्थकेयर और आईटी सेक्टर में सक्रिय रूप से निवेश कर रही हैं।

अन्य ख़बरें

नेपाल संसद की पहली बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की ग‍िरफ्तारी पर हुई बहस

Newsdesk

ट्रंप का भाषण ‘ओल्‍ड वाइन इन न्‍यू बॉटल’, लोगों की संघर्ष से बाहर निकलने की टूटी उम्‍मीदें: पूर्व राजनयिक

Newsdesk

अलेक्जेंडर स्टब ने ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियान से बात की, युद्धविराम और कूटनीति पर द‍िया जोर

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading