जबलपुर। जिले के मझगवां थाना क्षेत्र में बीती रात एक भीषण औद्योगिक हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। हाईवा वाहन से डस्ट अनलोडिंग के दौरान संतुलन बिगड़ने से भारी मात्रा में डस्ट चालक के ऊपर गिर गई, जिससे वह उसके नीचे दब गया और मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान बिहार निवासी 40 वर्षीय मृत्युंजय पांडे के रूप में हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब हाईवे के पास खदान क्षेत्र में हाईवा से डस्ट उतारी जा रही थी। इसी दौरान विजयरहवगढ़ निवासी रतन विश्वकर्मा डस्ट डंप कर रहा था। अनलोडिंग के वक्त अचानक हाईवा का संतुलन बिगड़ा और पीछे खड़े चालक मृत्युंजय पांडे को जोरदार धक्का लग गया। वह नीचे गिर पड़ा और उसी समय डस्ट सीधे उसके ऊपर डंप हो गई।
कुछ ही पलों में चली गई जान
हादसा इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद मजदूर और अन्य लोग कुछ पल के लिए सन्न रह गए। जब तक लोग कुछ समझ पाते, तब तक मृत्युंजय डस्ट के ढेर के नीचे पूरी तरह दब चुका था। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन भारी मात्रा में डस्ट होने के कारण उसे निकालना आसान नहीं था।
जेसीबी से निकाला गया शव
सूचना मिलते ही मझगवां थाना पुलिस मौके पर पहुंची। हालात की गंभीरता को देखते हुए खितौला और सिहोरा थानों का पुलिस बल भी मौके पर बुलाया गया, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और कानून-व्यवस्था बनी रहे। काफी मशक्कत के बाद जेसीबी मशीन की मदद से डस्ट हटाई गई, तब जाकर शव बाहर निकाला जा सका।
इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर इसे लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मामला माना है।
खदान संचालक और ड्राइवर पर जांच की आंच
पुलिस के अनुसार, जिस खदान में यह दुर्घटना हुई वह सुमित अग्रवाल के नाम पर दर्ज है। वहीं डस्ट डंप करने वाले रतन विश्वकर्मा के खिलाफ भी लापरवाही का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के समय सुरक्षा उपकरण और मानक प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं।
परिजनों में कोहराम, सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार का कहना है कि मृत्युंजय ही घर का मुख्य कमाने वाला था। इस हादसे के बाद क्षेत्र में खनन और डस्ट परिवहन कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खदानों में अक्सर बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के भारी वाहनों से काम कराया जाता है, जिससे इस तरह के हादसे बार-बार हो रहे हैं।
फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पूरे मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। प्रशासन की ओर से भी संकेत दिए गए हैं कि यदि सुरक्षा में लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


