जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे में रेल कर्मचारियों के कल्याण को लेकर एक अहम और ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। अब मंडल, मुख्यालय और कारखानों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए पर्यटन भ्रमण (टूर प्रोग्राम) पृथक-पृथक आयोजित किए जाएंगे, जिससे अधिक संख्या में कर्मचारियों को सैर-सपाटे और भ्रमण का अवसर मिल सकेगा।
अब तक व्यवस्था यह थी कि मंडल स्तर के टूर में मुख्यालय और कारखानों के कर्मचारियों को भी सीमित संख्या में शामिल किया जाता था, जिससे बहुत कम कर्मचारियों को ही भ्रमण का लाभ मिल पाता था। इस समस्या को कर्मचारियों ने संघ के महामंत्री अशोक शर्मा के समक्ष रखा था।
महामंत्री के हस्तक्षेप से बदली व्यवस्था संघ प्रवक्ता सतीश कुमार ने बताया कि कर्मचारियों की इस पीड़ा को महामंत्री अशोक शर्मा ने गंभीरता से लिया और भोपाल, कोटा एवं जबलपुर के CSBF सदस्यों को निर्देश दिए कि मंडल, मुख्यालय और कारखानों के लिए भ्रमण टूर अलग-अलग किए जाएं।
इसके बाद मंडल सचिव एवं CSBF के मुख्य प्रतिनिधि डी.पी. अग्रवाल के नेतृत्व में प्रतिनिधि अर्जुन बैरागी, संतोष चतुर्वेदी, एच.एस. मीणा और अनिल सैनी (कोटा मंडल) ने यह प्रस्ताव अध्यक्ष एवं प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी एस.डी. पाटीदार के समक्ष रखा, जिस पर सभी सदस्यों ने सहमति व्यक्त की।
इस फैसले के बाद अब हर इकाई के अधिक कर्मचारी पर्यटन भ्रमण का लाभ उठा सकेंगे।
कर्मचारियों के कल्याण के लिए करोड़ों की स्वीकृति
रेल कर्मचारियों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत करोड़ों रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
शिक्षा के लिए बड़ी मदद
कर्मचारियों के पुत्र-पुत्रियों को तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप मद में 1 करोड़ 79 लाख 51 हजार 800 रुपये और अन्य योजनाओं के तहत कुल मिलाकर लगभग 3 करोड़ 23 लाख 10 हजार रुपये की राशि निर्गत की गई है।
MBBS, IIT, NIT एवं ट्रिपल IIT में चयनित विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।
दिव्यांग कर्मचारियों को विशेष सहायता
दिव्यांग कर्मचारियों एवं उनके आश्रित दिव्यांग बच्चों के लिए भी विशेष आर्थिक सहायता दी गई है। कुल 21 कर्मचारियों को हाइड्रो थेरेपी, प्रोस्थेटिक थेरेपी, ट्राइसाइकिल, हियरिंग मशीन, थ्री व्हीलर व्हीकल, स्पीच थेरेपी, कैलिपर्स, आर्टिफिशियल लेग, स्पेशल टीचर और कोक्लियर इम्प्लांट जैसी सुविधाओं हेतु 9 लाख 35 हजार रुपये का भुगतान कराया गया।
इसके अलावा प्रत्येक दिव्यांग कर्मचारी एवं आश्रित को अलग-अलग मदों में कुल मिलाकर 28 लाख 56 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता राशि भी स्वीकृत की गई है।
कर्मचारी हित में ऐतिहासिक कदम
संघ पदाधिकारियों का कहना है कि यह फैसले केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रेल कर्मचारियों और उनके परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। आने वाले समय में WCR जोन, मंडल और कारखानों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए और भी कल्याणकारी योजनाएं लागू की जाएंगी।


