जबलपुर। पिछले डेढ़ साल से कांग्रेस पार्षद दल द्वारा लगातार आधा दर्जन से अधिक बार धारा 30 की बैठक बुलाने को लेकर मांग पत्र सौंपे गए हैं, लेकिन आज दिनांक तक इस दिशा में कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। वर्तमान स्थिति यह है कि शहर में दूषित पेयजल की समस्या को लेकर आम जनता भयभीत है। नगर निगम का सदन जनता की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए होता है, जिसमें 79 वार्डों के पार्षद और शहर के मुखिया महापौर की अहम भूमिका होती है, लेकिन वर्तमान में नगर सत्ता के महापौर निरंकुश रवैया अपनाए हुए हैं और जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय केवल अपनी उपलब्धियों का बखान करने में व्यस्त दिखाई दे रहे हैं। हाल ही में इंदौर की घटना के बाद कांग्रेस ने फिर से धारा 30 की बैठक बुलाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा था, लेकिन उस पर भी आज तक कोई जवाब नहीं दिया गया है।
कांग्रेस पार्षद दल का कहना है कि पत्रकार वार्ता का मुख्य उद्देश्य यही है कि मीडिया के माध्यम से शहर की जनता तक उनकी आवाज पहुंचे, क्योंकि विपक्ष की आवाज को लगातार दबाने का प्रयास किया जा रहा है और इसी कारण शहर के ज्वलंत मुद्दों पर सदन की बैठक आयोजित नहीं की जा रही है। कांग्रेस का आरोप है कि महापौर और नगर निगम की कार्यप्रणाली जनहित के अनुरूप नहीं है, इसलिए वे जनता के सवालों से बचते हुए जवाबदेही से दूर भाग रहे हैं। इसी के चलते कांग्रेस ने यह निर्णय लिया है कि अपनी बात रखने के लिए आंदोलन और प्रदर्शन जारी रहेगा तथा आगामी दिनों में शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर समानांतर सदन लगाकर जनता के बीच नगर निगम और भाजपा सरकार की नाकामियों को उजागर किया जाएगा।
कांग्रेस पार्षद दल की प्रमुख मांग है कि महापौर शहर में दूषित पेयजल की स्थिति को लेकर नगर निगम सदन में श्वेत पत्र प्रस्तुत करें, जिसमें यह स्पष्ट किया जाए कि शहर में किन-किन स्थानों पर नालियों से होकर पेयजल की पाइप लाइनें गुजर रही हैं और इन्हें कब तक नालियों से बाहर किया जाएगा। इसके साथ ही इसके लिए एक ठोस एक्शन प्लान भी प्रस्तुत किया जाए। कांग्रेस का आरोप है कि दूषित पानी की सप्लाई से शहर की जनता गंभीर रूप से भयभीत है और कई स्थानों पर पानी की टंकियों में लीकेज की समस्या बनी हुई है, विशेष रूप से टाउन हॉल की पानी की टंकी की स्थिति अत्यंत खराब है।
इसके अलावा अमृत 2.0 योजना के तहत 312 करोड़ रुपये की परियोजना पर भी गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। कांग्रेस का कहना है कि इस परियोजना का कार्य बेहद लापरवाही से किया जा रहा है और पूर्व में रांझी क्षेत्र में डिज़ाइन के विपरीत किए जा रहे कार्य को लेकर कांग्रेस पार्षद दल ने मौके पर पहुंचकर विरोध भी दर्ज कराया था। वहीं मुख्य सड़कों पर जब कोई भी कार्य किया जाता है तो सामान्यतः डायवर्सन देकर सड़क बंद की जाती है, लेकिन वर्तमान में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से नियमों को ताक पर रखा जा रहा है।
तिलक वार्ड में सीवर लाइन का सही तरीके से मिलान न होने के कारण मल-मूत्र नालों में बह रहा है और उन्हीं नालों के भीतर से पेयजल की पाइप लाइन गुजर रही है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। नर्मदा नदी में मिल रहे गंदे नालों के पानी को लेकर भी कांग्रेस ने महापौर पर झूठे वादे करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट कभी बंद रहते हैं तो कभी चालू, और इसका प्रत्यक्ष प्रमाण हाल ही में तब देखने को मिला जब दिग्विजय सिंह के ट्वीट के बाद कांग्रेस पार्षद दल मीडिया के साथ मौके पर निरीक्षण करने पहुंचा, जहां यह पाया गया कि बिना साफ किया हुआ गंदा पानी सीधे नर्मदा नदी में मिल रहा था।
करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से गौर नदी, बबहा नाला, सिद्धघाट, नावघाट, खारी घाट, जैन गौशाला और तिलवारा घाट पर लगाए गए ट्रीटमेंट प्लांट भी उचित रखरखाव के अभाव में निष्क्रिय पड़े हैं, जिसके कारण इन सभी स्थानों पर आज भी नालों का गंदा पानी सीधे नर्मदा में मिल रहा है। वहीं नगर निगम द्वारा पाइप लाइनों के रखरखाव पर हर साल लगभग 10 से 15 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिसमें मरम्मत, लीकेज और अन्य कार्य शामिल हैं, लेकिन इसके बावजूद पाइप लाइनों की स्थिति में कोई ठोस सुधार नजर नहीं आ रहा है।
कांग्रेस पार्षद दल ने यह भी याद दिलाया कि पूर्व में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भोंगाद्वार क्षेत्र में गोबरयुक्त पानी मिलने का मामला उजागर किया गया था, वहीं उसी प्लांट में कई दिनों तक एक बंदर मृत अवस्था में पड़ा रहा था, जिसे लेकर भी कांग्रेस ने विरोध दर्ज कराया था। इसके अलावा रमनगरा क्षेत्र में पेयजल पाइप लाइन बार-बार फूटने की घटनाओं को लेकर यह सवाल उठाया गया था कि नगर निगम किस प्रकार आम जनता की मेहनत की कमाई का दुरुपयोग कर रहा है।
आज आयोजित प्रेस वार्ता में नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा, उपनेता प्रतिपक्ष शगुफ्ता उस्मानी, गुड्डू नबी, सचेतक अयोध्या तिवारी सहित पार्षद सर्वश्री श्रीमती मुकीमा याकूब अंसारी, संतोष दुबे पंडा, श्रीमती अरूणा संजय साहू, श्रीमती गार्गी रामकुमार यादव, वकील अंसारी, श्रीमती रितु राजेश यादव, गुलाम हुसैन, अख्तर अंसारी, प्रमोद पटेल, सतेन्द्र चौबे, श्रीमती लक्ष्मी लक्ष्मण गोंटिया, श्रीमती तुलसा लखन प्रजापति और श्रीमती अदिति अतुल बाजपेई उपस्थित रहे। कांग्रेस पार्षद दल ने एक स्वर में कहा कि जब तक नगर निगम और महापौर जनता के मूलभूत मुद्दों पर गंभीरता नहीं दिखाएंगे, तब तक आंदोलन और विरोध जारी रहेगा।


