जबलपुर। शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संस्था सिद्धिबाला बोस लाइब्रेरी एसोसिएशन (सिटी बंगाली क्लब) के शताब्दी वर्ष के समापन अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। बसंत पंचमी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में नेताजी की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया।
समारोह की शुरुआत सुबह 10:30 बजे हुई, जिसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’, विधायक अशोक रोहाणी, अभिलाष पांडे सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
नेताजी त्याग और राष्ट्रभक्ति की मिसाल – जेपी नड्डा
जेपी नड्डा ने अपने संबोधन में कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस केवल स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि त्याग और बलिदान की जीवंत प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने कहा कि सिविल सेवा में चयन के बाद भी नेताजी ने आरामदायक जीवन त्यागकर देश की आजादी के लिए संघर्ष का मार्ग चुना। उनका पूरा जीवन देशवासियों के लिए प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत है।
बसंत पंचमी नई शुरुआत और सकारात्मकता का पर्व – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बसंत पंचमी विद्या, सृजन और नव ऊर्जा का प्रतीक है। इसी दिन नेताजी की जयंती होना पूरे देश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने नेताजी के प्रसिद्ध नारे “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा” का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उद्घोष आज भी युवाओं में देशभक्ति की भावना जागृत करता है।
11 फीट ऊंचे स्मारक का लोकार्पण
समारोह के दौरान धौलपुर स्टोन से निर्मित 11 फीट ऊंचे शताब्दी स्मारक का लोकार्पण किया गया, जो संस्था की 100 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा और बंगाली समाज की सांस्कृतिक विरासत को समर्पित है। साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा नेताजी की 8 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण भी किया गया।
सिटी बंगाली क्लब की ऐतिहासिक भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिटी बंगाली क्लब वर्षों से कला, साहित्य, भाषा और संस्कृति के संरक्षण में अहम भूमिका निभा रहा है। यह संस्था इसलिए भी विशेष है क्योंकि स्वयं नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने कभी इस स्थल का दौरा किया था।
जयश्री बैनर्जी को मिला शताब्दी सम्मान
इस अवसर पर पूर्व सांसद जयश्री बैनर्जी को उनके सामाजिक और सांस्कृतिक योगदान के लिए ‘शताब्दी सम्मान’ से सम्मानित किया गया। साथ ही संस्था की शताब्दी स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में शाम को रंगारंग सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें संगीत जगत के महान संगीतकार सलिल चौधरी, एस.डी. बर्मन और आर.डी. बर्मन को समर्पित प्रस्तुतियां दी गईं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को यादगार बना दिया।


