April 3, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

म.प्र. भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण द्वारा लगाया गया जागरूकता शिविर
रेरा के विशेष सचिव श्री राजेश बहुगुणा ने अधिनियम के संबंध में दी जानकारी


जबलपुर। म.प्र. शासन के भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के विशेष सचिव श्री राजेश बहुगुणा द्वारा शुक्रवार को स्मार्ट सिटी कार्यालय के हॉल में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य संबंधितजनों को भू-संपदा परियोजना से संबंधित अधिनियम एवं नियम तथा प्रक्रियाओं की जानकारी से अवगत कराना था। जागरूकता शिविर में कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह, निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार सहित अन्य अधिकारी व इससे संबंधित व्यक्ति उपस्थित रहे।

प्राधिकरण के विशेष सचिव एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी श्री बहुगुणा ने जागरूकता शिविर में रेरा एक्ट सहित भू-संपदा क्षेत्र एवं चुनौतियां, विभिन्न कानून की आवश्यकता, उद्देश्य, प्रभावशीलता, बिल्डर एवं आवंटिती के अधिकार व कर्त्तव्य, पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज तथा अन्य महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी से अवगत कराया। साथ ही प्राधिकरण की संरचना, कार्य, शक्तियां, शास्तियां, रिफंड एवं क्षतिपूर्ति इत्यादि के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी भी दी। इस अवसर पर आवंटियों का संरक्षण, एक्ट की विभिन्न धाराओं तथा जिले में रेरा में पंजीकृत परियोजनाओं के बारे में भी अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त शिकायत निराकरण प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। विशेष सचिव श्री बहुगुणा ने बताया कि रेरा एक्ट एक मई 2017 से प्रभावी ढंग से प्रभावशील है। इसके माध्यम से अलाटी के अधिकारी सुरक्षित किए गए हैं। साथ ही प्रमोटर अथवा बिल्डर द्वारा निर्धारित शर्त अनुसार आवंटिती के पक्ष में विभिन्न हितलाभ का अनुपालन भी सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनाइजरों के विरूद्ध जांच अथवा शिकायत के लिए रेरा में संपर्क किया जा सकता है। संबंधित एसडीएम भी जांच के लिए सक्षम हैं।

विशेष सचिव द्वारा जानकारी दी गई कि नोयडा के आम्रपाली एवं यूनीटेक प्रोजेक्ट की विफलता के बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मामले का संज्ञान लेकर रियल इस्टेट सेक्टर एवं तंत्र को जवाबदेह बनाने के लिए निर्देशित किया गया था। इसके उपरांत भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण का गठन किया गया। रियल इस्टेट सेक्टर के व्यापक क्षेत्र के कारण अचल संपत्तियों का क्रय करने वाले व्यक्तियों को रेरा एक्ट के प्रभावशील होने से बहुत सहूलियत हुई है और क्रेताओं के अधिकार भी कानूनी रूप से सुरक्षित हुए। जागरूकता शिविर में जानकारी दी गई कि किसी भी विक्रय के उद्देश्य से निर्माण या विकास अथवा पुनर्घनत्वीकरण के दौरान विस्तार कार्य पर यह अधिनियम प्रभावशील होता है। किसी भी प्रमोटर द्वारा बगैर रेरा पंजीयन के अपने प्रोजेक्ट का विज्ञापन अथवा प्रचार नहीं किया जा सकता। इसके उल्लंघन पर वैधानिक कार्यवाही का प्रावधान है। इस दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने भी रेरा के बारे में सारगर्भित जानकारी दी। शिविर में अपर आयुक्त व्ही.एन. बाजपेयी, भवन अधिकारी नवीन लोनारे, कॉलोनी सेल प्रभारी सुनील दुबे आदि उपस्थित रहे।

अन्य ख़बरें

विधायक विवेक पटेल के प्रयासों के बाद एक करोड़ रुपयों की लगात से बनेंगे आठ जर्जर स्कूलों के नवीन भवन

Newsdesk

बालाघाट में युवा छात्र ने बनाया रूम खोजने का डिजिटल प्लेटफॉर्म, “RoomDekhoBGT.com” का लोकार्पण

Newsdesk

अवैध रेत उत्खनन व परिवहन पर बड़ी कार्रवाई, 6 वाहन जब्त
खनिज विभाग और पुलिस की संयुक्त दबिश

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading