कटनी/जबलपुर। संजय पाठक के खिलाफ दांडिक अवमानना का मामला दर्ज करने के लिए हाईकोर्ट ने आदेश जारी किए हैं। इस मामले में हाईकोर्ट ने स्वयं को पक्षकार (पार्टी) बनाते हुए कड़ा रुख अपनाया है।
हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें संजीव सचदेवा और विनय सराफ शामिल हैं, ने यह आदेश पारित किया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि विधायक के खिलाफ क्रिमिनल कंटेंप्ट की कार्यवाही की जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
कटनी निवासी आशुतोष दीक्षित ने विधायक संजय पाठक पर अवैध उत्खनन के आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
इस याचिका की सुनवाई विशाल मिश्रा कर रहे थे। आरोप है कि सुनवाई के दौरान विधायक संजय पाठक ने जस्टिस मिश्रा से फोन पर संपर्क किया।
इस घटनाक्रम के बाद जस्टिस मिश्रा ने मामले की शिकायत चीफ जस्टिस से की और स्वयं को इस केस की सुनवाई से अलग कर लिया।
कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान
मामले की सुनवाई लंबित रहने पर याचिकाकर्ता ने दोबारा सुनवाई के लिए आवेदन दिया। इसके बाद हाईकोर्ट ने पूरे प्रकरण पर स्वत: संज्ञान लेते हुए इसे गंभीर न्यायिक हस्तक्षेप माना।
डिवीजन बेंच ने पाया कि यह कृत्य न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास हो सकता है, जिसके चलते विधायक के खिलाफ दांडिक अवमानना का मामला दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या होगा आगे?
अब इस मामले में विधिवत क्रिमिनल कंटेंप्ट की कार्यवाही शुरू होगी। अदालत इस बात की जांच करेगी कि क्या विधायक द्वारा किया गया संपर्क न्यायपालिका की स्वतंत्रता को प्रभावित करने की कोशिश थी।
यह पूरा घटनाक्रम न्यायपालिका की गरिमा और स्वतंत्रता से जुड़ा होने के कारण बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।


