जबलपुर। जबलपुर जिले के बरगी थाना क्षेत्र में बरगी बांध की दाईं तट मुख्य नहर के क्षतिग्रस्त होने से रविवार को क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। नहर में अचानक आई दरार के चलते पानी तेज बहाव के साथ आसपास के खेतों में फैल गया, जिससे किसानों की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। हालांकि समय रहते प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से हालात काबू में आ गए और एक बड़ी जनहानि टल गई।
रविवार दोपहर करीब 12 बजे बरगी बांध की दाईं तट नहर के आरडी 6.94 किलोमीटर स्थित नर्रई एक्वाडक्ट के अपस्ट्रीम क्षेत्र में ट्रांजिशन कर्व के दाहिने हिस्से में क्षति की सूचना मिली। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और बरगी बांध प्रबंधन अलर्ट मोड में आ गया। तत्काल बांध से नहर में पानी की निकासी बंद कराई गई और क्षतिग्रस्त हिस्से से आगे के सभी गेट खोल दिए गए, जिससे पानी का दबाव कम हो सका।
खेतों में घुसा पानी, फसलें डूबीं
नहर टूटने के बाद पानी आसपास के खेतों में घुस गया, जिससे गेहूं, चना और सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचा। कई किसानों ने बताया कि खेतों में अचानक पानी भर जाने से उनकी महीनों की मेहनत बर्बाद हो गई। किसानों का कहना है कि नहर की हालत पहले से ही जर्जर थी और इसको लेकर कई बार शिकायत की गई थी, लेकिन समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई।
ग्रामीणों में दहशत, लेकिन जनहानि नहीं
अचानक पानी फैलने से सगड़ा-झपनी, बम्हनोदा, रोसरा, चारघाट, पिपरियाकला और घाना गांवों के कुछ हिस्से प्रभावित हुए। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी भी गांव में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं बनी। किसी घर में पानी नहीं घुसा और न ही किसी प्रकार की जनहानि या पशुहानि हुई। प्रशासन द्वारा तुरंत मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क कर दिया गया, जिससे अफरा-तफरी की स्थिति नहीं बनी।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से हालात नियंत्रण में
अनुविभागीय राजस्व अधिकारी अभिषेक सिंह ने बताया कि नहर से पानी की निकासी तत्काल रोक दिए जाने और नर्रई नाले की ओर पानी का अधिकतम बहाव होने से शाम तक स्थिति काफी हद तक सामान्य हो गई। शाम होते-होते क्षतिग्रस्त हिस्से की तलहटी भी दिखाई देने लगी और निचले इलाकों में भरा पानी उतरने लगा।
सोमवार से शुरू होगा मरम्मत कार्य
दाईं तट नहर की कार्यपालन यंत्री श्रीमती श्रद्धा बंसोडकर ने बताया कि नहर के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का कार्य सोमवार सुबह से प्रारंभ कर दिया जाएगा। इसके लिए आवश्यक मशीनरी, मिट्टी, मुरम, बोल्डर सहित अन्य निर्माण सामग्री पहले ही मौके पर पहुंचा दी गई है। तकनीकी टीम द्वारा क्षतिग्रस्त हिस्से का सर्वे कर लिया गया है और मरम्मत कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मरम्मत कार्य पूर्ण होने तक नहर में पानी का प्रवाह नियंत्रित रखा जाएगा और पूरे क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है।
किसानों का आक्रोश, मुआवजे की मांग
घटना के बाद किसानों में नाराजगी भी देखने को मिली। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते नहर की मरम्मत कर दी जाती, तो यह नुकसान नहीं होता। उन्होंने संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही प्रभावित किसानों ने शासन से शीघ्र सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
प्रशासन का भरोसा
प्रशासन ने किसानों को आश्वस्त किया है कि नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी और नियमानुसार मुआवजा प्रदान किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह घटना सिंचाई व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जरूरत को उजागर करती है और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए नहरों की सतत जांच और समयबद्ध मरम्मत सुनिश्चित की जाएगी।
बरगी क्षेत्र में हुई यह घटना जहां एक ओर प्रशासनिक तत्परता का उदाहरण बनी, वहीं दूसरी ओर यह भी स्पष्ट कर गई कि सिंचाई संरचनाओं की अनदेखी का सीधा असर किसानों की आजीविका पर पड़ता है।


