November 3, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

दादा ने१९४६ में खरीदा था जमीन ,में खरीदार का कब्जा

छपारा-अगर कोई व्यक्ति 12 वर्षों से अधिक समय से जमीन पर कब्जा कर रहा है तो वह एडवर्स पजेशन के तहत मलिकाना हक का दावा कर सकता है कही-कही ऐसा ही हो रहा है। पुरानी जागीरदारों द्वारा किसानों को जमीन  बेची गई और आज तक रजिस्ट्री नहीं हुई ऐसा एक मामला ग्राम पिंडरई का प्रकाश में आया है शिकायत करता ने बताया है की स्वर्गीय श्री अमर सिंह पिता घनश्याम सिंह निवासी धुंधला  ने सन१९४६ मे जागीरदार से ५०० में ३० एकड़ कृषि भूमि और घर बनाने के लिए बाड़ी स्वर्गीय श्री हलीम खान जी से  आवेदक के दादा ने खरीदा था खेती की जमीन की रजिस्ट्री हो गई पर खसरा नंबर ३३/१ बाड़ी का था जो रजिस्ट्री में दर्ज नहीं हो पाई थी जो वर्तमान में कृष्ण कुमार सरयाम पिता गिरानी लाल सरयाम स्थाई पता पिडराई के कब्जे में है अब 80 साल बाद तीसरी पीढ़ी द्वारा उक्त जमीन को बेचने की फिराग में है। पुराने समय में ज़मीनो की किमात नहीं थी जगीरदार ने बोल दिया पत्थर की लकिर थी उसे कोई काट नहीं सकता वर्तमान में उक्त बाड़ी आवेदक की मां देववत्ती सरयाम  के कब्जे में है जो खेती कर रही है। आवेदक का कहना है जो भी व्यक्ति उक्त बाड़ी को खरीदेगा तो पहले उसकी जांच करा लिया जावे खरीदार को  सच्चाई से अवगत होने चाहिए।

अन्य ख़बरें

रेल मंडल के शिविर में 135 पेंशनर्स के बने डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट

Newsdesk

बिजली कर्मचारियों के लंबित एक्स्ट्रा वेजेस और रात्रि भत्ते का भुगतान जल्द करने की मांग

Newsdesk

अमरकंटक से लौट रही कार में लिफ्ट लेकर आ रहे दो युवक 5 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार

Newsdesk

Leave a Comment