त्वरित टिप्पणी
माघी पूर्णिमा पर भारत के वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तावित नवाँ बजट कर्तव्य भवन में निर्मित पहला बजट है इस बजट में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के इच्छा के अनुसार स्थायित्व, राजकोषीय अनुशासन, सतत विकास, कम मुद्रा स्फीती पर ध्यान केंद्रित रखा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने सुधार और जनहित के कार्यों को प्राथमिकता दी है, लोक लुभावन वादों से अपने आपको बचाते हुए दूर रखा है और दूरगामी ढांचागत सुधार, राजकोषीय घाटा एवं मौद्रिक स्थिरता का विशेष ध्यान रखा गया है। आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए घरेलू निर्माण क्षमता और ऊर्जा सुरक्षा को प्रमुखता दी गई है। सरकार ने इस बजट के माध्यम से यह सुनिश्चित किया है कि हर योजना का लाभ नागरिकों को मिले। सरकार का प्रयास है कि 7% की उच्च विकास दर बनी रहे, ग़रीबी कम करने में मदद हो और नागरिकों का जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास किया गया है। निश्चित ही भारत विकसित भारत की ओर विश्वास से भरे हुए क़दम उठाता रहेगा, ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने का प्रयास किया है जिसका सीधा लाभ आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा। आम जनता ने भी विकसित देश की अर्थव्यवस्था बनने में भारत सरकार का साथ चुना है बजट में विकास का लाभ वंचित वर्गों को और महिलाओं को मिलना सुनिश्चित हुआ है। बजट में युवा शक्ति का विशेष ध्यान रखा गया है बजट का आधार ही युवा शक्ति है सरकार ने संकल्प लेकर ग़रीबों की बाध्यताओं पर ध्यान दिया है आर्थिक विकास दर मजबूत और तेज़ी बनी रहेगी। लोगों की आशाओं को पूरा करने का और क्षमताओं के निर्माण करने का प्रयास किया गया है, नई तकनीक के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और नई तकनीक के उपयोग से रोज़गार सृजन में सहायता मिलेगी। सरकार ने 350 से अधिक आर्थिक सुधारों को प्रारंभ किया है, सरकार ने विरासत और औद्योगिक क्षेत्रों का कायाकल्प करने का प्रयास करने का वादा किया है दीर्घकालीन ऊर्जा सुरक्षा और स्थायित्व को सुनिश्चित किया है, आवश्यक दवाओं के दामों में कमी लाने का प्रयास किया है जिससे गंभीर मरीज़ों को काफ़ी लाभ मिलेगा, भारत को विश्व के बायो फ़ार्मा विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रयास किया है जो निश्चित ही सराहनीय है। प्रयास न केवल आर्थिक तेज़ी लाएगा अपितु लाखों नए राष्ट्रीय स्तर पर रोज़गार व्यवसाय प्रारंभ करने में मदद करेगा। भारत की सेमी कंडक्टर क्षेत्र में क्षमताओं का विस्तार भी देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, रोज़गार के अवसर का भारी मात्रा में सृजन होगा। उद्योगों का आधारित अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्रों से उद्योगों के लिए नए अवसर पैदा होंगे, युवाओं के रोज़गार में नए अवसरों का निर्माण होगा, दुर्लभ खनिजों की खोज के लिए कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव भारत को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण सिद्ध होगा, रेशम , जूट और कपास से जुड़े फायबरो में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय फ़ाइबर मिशन की घोषणा की है; यह प्रयास छोटे स्तर से लेकर राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण होगा और पारंपरिक बुनकरों कारीगरों को काफ़ी लाभ होगा, वैश्विक स्तर प्रतिस्पर्धा को बढावा मिलेगा।
महात्मा गांधी ग्राम स्वरोजगार योजना का शुभारंभ करने का प्रस्ताव गाँव को विकास की दौड़ में स्थान बनाने के लिए एक शानदार प्रयास है इस प्रयास से प्रशिक्षण और उत्पादन गुणवत्ता में सुधार आएगा इस योजना से 1 जिला एक उत्पाद और ग्रामीण युवाओं के लिए नये अवसरों का निर्माण होगा।
सरकार ने खेल कूद को भी अपने बजट में महत्वपूर्ण स्थान देकर के खेल कूद के प्रति अपने इरादों को स्पष्ट किया है।
सरकार ने दो सौ विरासत के औद्योगिक प्रतिष्ठानों को पुनर्जीवित करने की योजना प्रस्तावित की है ऐसे छुपी हुई या समाप्त हो गई विधाओं को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया गया है, यह ना केवल स्थानीय स्तर पर रोज़गार उपलब्ध कराएगा बल्कि भारत की स्थानीय प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच तक ले जाने के लिए सार्थक सिद्ध होगा। टीयर-2 और टीयर-3 के कस्बों में कारपोरेट मित्रों को तैयार करने के लिए पेशेवर संस्थाओं को मदद करने का प्रस्ताव किया है यह स्पष्ट दिखा रहा है कि सरकार छोटे-छोटे गांवों से लोगों को उठाकर राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय पहचान तक ले जाना चाहती है। 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर ज़ोर जारी रखने का सरकार का वादा है। नए राष्ट्रीय जलमार्ग की घोषणा सरकार का व्यापार, व्यावसायिक आवागमन, पर्यटन को मज़बूत करने का प्रयास है और आर्थिक वृद्धि के साथ साथ रोज़गार उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगा।
हाई स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित भारत का लक्ष्य को हासिल करने में सहायक सिद्ध होगा, बैंकिंग क्षेत्र में और सुधार जारी रखना विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार के इरादे को दिखाता है। युवा आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सेवा क्षेत्र को प्राथमिकता दी है, शिक्षा से रोज़गार और उद्यम को सरकार ने प्राथमिकता दी है। सरकार का इरादा 2047 तक वैश्विक सेवा क्षेत्र में दस प्रतिशत हिस्सेदारी को हासिल करके देश को अग्रणी स्थान प्रदान करना है, कुशल पेशेवरों को तैयार करना विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा। पेशेवरों के मौजूदा संस्थान को अपग्रेड करने का प्रस्ताव क्रांति लाएगा। बजट प्रस्ताव में सेवा पेशेवरों का निर्माण करना, मेडिकल टूरिज़्म बढ़ाना है, नए बजट प्रस्ताव में बात कही है, 5 क्षेत्रीय चिकित्सा केन्द्रों की स्थापना की योजना बनायी है, विरासत के साथ विकास सरकार का लक्ष्य है, आयुर्वेद को दुनिया भर में मान्यता मिली है,
आयुर्वेद उत्पादों की दुनिया भर में बढ़ती माँग को पूरा करने के लिए क़दम उठाने की बात की है यह कदम छोटे ग़रीब किसान से लेकर के कॉर्पोरेट घरानों तक के लिए नए अवसर पैदा करेगा। 3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थानों की स्थापना विश्व के लिए भारत का उपहार होगा साथ ही साथ भारतीय चिकित्सा पद्धति को विशेष तौर पर मान्यता एवं विश्वास पैदा करने का सरकार का प्रयास है। सरकार ने बजट में एक तरफ़ गांवों और छोटे शहरों के विकास की बात कही है, दूसरी तरफ़ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 4 टेलीस्कोप इंफ्रा फ़ैसिलिटी की स्थापना, होटल प्रबंधन कैटरिंग प्रौद्योगिकी ,पर्यटन स्थलों पर 10 हज़ार गाइडों का कौशल बढ़ाने के पायलट प्रोजेक्ट की घोषणा भी की है। सरकार ने सभी वर्गों का विकास बजट के माध्यम से सुनिश्चित किया है। 15 पुरातात्विक स्थलों को विकसित करने का सरकार का प्रयास भारत के इतिहास और भारत की संस्कृति से विश्व का परिचय कराने का प्रयास है भारत के खोए गौरव को पूरा हासिल करने का प्रयास है शायद ही कोई ऐसा वर्ग रहा होगा जिसका सरकार ने उत्थान सुनिश्चित ना किया हो और दस वर्षों के कार्यकाल में मोदी जी 25 करोड़ लोगों को ग़रीबी रेखा से ऊपर लाए हैं इस बजट के प्रयासों से अनुमान लगाया जा सकता है साठ करोड़ लोग ग़रीबी रेखा से ऊपर लाने के लिए भरसक प्रयास कर रहे हैं सरकार का सहयोग और समर्थन 60 करोड़ नए लोगों को ग़रीबी रेखा से ऊपर लाने और विकास की दौड़ में शामिल करने का स्पष्ट दिखाई दे रहा है। विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में 60 करोड़ लोगों को ग़रीबी रेखा से ऊपर लाना निर्णायक क़दम होगा । रोज़गार सृजन के साथ साथ सरकार ने निर्यात के ऊपर अपनी हिस्सेदारी सुरक्षित करने का प्रयास किया है कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आज आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान दिया है इसमैं युवा, किसान , ग़रीब, मज़दूर, महिला सभी को समाहित करने का प्रयास किया गया है। यह बजट विकसित भारत @2047 के लक्ष्य पर केंद्रित है।
सीए अखिलेश जैन
प्रदेश कोषाध्यक्ष भाजपा मप्र


