April 11, 2026
सी टाइम्स
अंतरराष्ट्रीय

हिंद-प्रशांत के लिए भारत और ऑस्ट्रेलिया का दृष्टिकोण एक जैसा : ऑस्ट्रेलियाई हाई कमिश्नर



नई दिल्ली, 5 फरवरी भारत में ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन ने हिंद प्रशांत में उतार-चढ़ाव के बीच भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया हिंद प्रशांत के लिए एक ही दृष्टिकोण रखते हैं।

ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन ने आईएएनएस के साथ खास बातचीत के दौरान कहा, “ऑस्ट्रेलिया और भारत इंडो-पैसिफिक को शेयर करते हैं, और हम इसके लिए एक ही दृष्टिकोण रखते हैं। हमारा विजन है कि यह स्थिर, मुक्त और खुशहाल होना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हमारे पीएम एंथनी अल्बनीज इस पर पूरी तरह से एकमत हैं, और यही उन चीजों में से एक है जो हमारे द्विपक्षीय संबंध को एक साथ आगे बढ़ा रही है, रणनीतिक संरेखण, इकोनॉमिक कॉम्प्लिमेंट्री।”

उन्होंने कहा, “हम बहुत अलग-अलग तरह के सामान और सर्विस बनाते हैं, इसलिए हम बहुत कम प्रतियोगिता करते हैं और तीसरा, जो चीज हमें एक साथ ला रही है, वह है जिसे हम ह्यूमन ब्रिज कहते हैं। भारतीय मूल के दस लाख से ज्यादा लोग जो अब ऑस्ट्रेलिया को अपना घर मानते हैं, वह ना केवल ऑस्ट्रेलिया में हमारे समुदाय में बड़ा योगदान दे रहे हैं, बल्कि द्विपक्षीय बिजनेस लिंक में भी योगदान दे रहे हैं।”

ऑस्ट्रेलियाई हाई कमिश्नर ने कहा, “मुझे लगता है कि हमने जो सबक सीखा है। वह यह है कि दोस्ती, भरोसेमंद साझेदारी और विश्वास बहुत जरूरी हैं। यही भारत को ऑस्ट्रेलिया से मिलता है और यही ऑस्ट्रेलिया को भारत से मिलता है। इसके साथ, आप फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, ईसीटीए जैसी जरूरी चीजें कर सकते हैं, जिस पर हमने कुछ साल पहले ही हस्ताक्षर किया था, जो व्यापार में ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच पहले से ही बहुत अच्छे नतीजे दे रहा है।”

उन्होंने कहा कि मैं आपको एक जबरदस्त आंकड़ा देता हूं। पिछले पांच सालों में दुनिया में भारत का एक्सपोर्ट 40 फीसदी बढ़ा है। यह अच्छा लगता है, है ना? लेकिन, पिछले पांच सालों में इसी समय में ऑस्ट्रेलिया को भारत का एक्सपोर्ट 200 फीसदी बढ़ा है, जो पांच गुना तेजी से हुआ है। यह दिखाता है कि जब अर्थव्यवस्था ज्यादा खुली हो और जब भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक-दूसरे को पूरा करने वाला संबंध और भरोसा हो, तो यह किया जा सकता है।

ऑस्ट्रेलियाई हाई कमिश्नर ने कहा, “जिन क्षेत्रों में कुछ बड़े मौके हैं, उनमें से हमने चार की पहचान की है। शिक्षा, कृषि, खाद्य और पर्यटन। लेकिन आपने तकनीक का जिक्र किया, और मुझे लगता है कि यह सच में जरूरी है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया का वैश्विक नवाचार में बड़ा हिस्सा है।”

फिलिप ग्रीन ने कहा, “हमने ही वाईफाई बनाया है। हमने ही गूगल मैप्स बनाया है। लेकिन हमारे पास ग्लोबलाइज और स्केल करने की वैसी क्षमता नहीं है जैसी अब भारत के पास है। इसलिए इस महीने के आखिर में होने वाले एआई इम्पैक्ट समिट से पहले ऑस्ट्रेलियन टेक कंपनियों को मेरा मैसेज है कि वे यहां आएं और भारत के जरिए अपने इनोवेशन को ग्लोबलाइज करने के मौके ढूंढें।”

अन्य ख़बरें

Trump threatens Strait of Hormuz to open no matter if Iran cooperates

Newsdesk

वह ज‍िंदा हैं, स‍िर्फ इसल‍िए ताक‍ि बातचीत कर सकें’, समुद्री जलमार्गों पर ईरान की वसूली पर ट्रंप की दो टूक

Newsdesk

कतर में हरदीप सिंह पुरी का भारतीय समुदाय ने किया गर्मजोशी से स्वागत, भारत-कतर संबंधों पर जोर

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading