April 6, 2026
सी टाइम्स
हेल्थ एंड साइंस

सार्वजनिक स्वास्थ्य में इंटीग्रेटिव मेडिसिन मॉडल से यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज को मिलेगा बढ़ावा: अनुप्रिया पटेल



नई दिल्ली, 5 फरवरी  सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में आयुष को आधुनिक चिकित्सा के साथ एकीकृत करने से यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज (यूएचसी) को मजबूती मिल सकती है। यह बात केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने गुरुवार को कही।



दुबई, यूएई में आयोजित वर्ल्ड गवर्नमेंट्स समिट के तीसरे दिन को संबोधित करते हुए उन्होंने स्वास्थ्य प्रणालियों को इलाज-केंद्रित दृष्टिकोण से आगे बढ़ाकर रोकथाम और दीर्घकालिक कल्याण की ओर ले जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

“पॉलिसी से प्रैक्टिस तक: इंटीग्रेटिव मेडिसिन के भविष्य में निवेश” विषयक सत्र को संबोधित करते हुए पटेल ने कहा कि शहरीकरण, अस्वास्थ्यकर खानपान, शारीरिक निष्क्रियता और लगातार तनाव के कारण गैर-संचारी रोगों, मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का बोझ तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में केवल समय-समय पर इलाज पर आधारित व्यवस्था पर्याप्त नहीं है।

उन्होंने कहा, “आयुष प्रणालियों का आधुनिक चिकित्सा और सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे के साथ समन्वय एक मजबूत, निवारक और जन-केंद्रित स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण का रणनीतिक रास्ता है। यह दृष्टिकोण यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के लक्ष्यों के अनुरूप है।”

मंत्री ने इंटीग्रेटिव हेल्थकेयर को लेकर भारत के नीति-आधारित और प्रणाली-संचालित दृष्टिकोण को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि भारत ने अपनी समृद्ध पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को आधुनिक वैज्ञानिक चिकित्सा के साथ संरचित तरीके से जोड़ने में अग्रणी भूमिका निभाई है, जिससे प्राचीन ज्ञान को प्रमाण-आधारित और बड़े पैमाने पर लागू किए जा सकने वाले सार्वजनिक स्वास्थ्य मॉडलों में बदला गया है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनिया के 88 प्रतिशत सदस्य देशों में पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियां सांस्कृतिक रूप से स्वीकार्य हैं।

इससे पहले एक मीडिया साक्षात्कार में अनुप्रिया पटेल ने कहा कि भारत में इंटीग्रेटिव हेल्थकेयर को संस्थागत रूप दिया जा चुका है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति (एनएचपी) 2017 भारत में समेकित स्वास्थ्य सेवा के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती है।

उन्होंने बताया कि यह मॉडल देश में प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर पर लागू किया गया है। प्राथमिक स्तर पर देशभर के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में योग और वेलनेस सहित आयुष सेवाएं दी जा रही हैं।

द्वितीयक स्वास्थ्य सेवाओं में आयुष ब्लॉक्स कार्यरत हैं, जबकि तृतीयक स्तर पर राष्ट्रीय संस्थानों में समर्पित इंटीग्रेटिव हेल्थकेयर यूनिट्स स्थापित की जा रही हैं। साथ ही, पारंपरिक चिकित्सा को चिकित्सा शिक्षा प्रणाली में भी शामिल किया गया है।

अन्य ख़बरें

सिर्फ अनार ही नहीं, इसका छिलका भी है औषधीय गुणों से भरपूर, अतिसार से लेकर कब्ज में मिलेगी राहत

Newsdesk

वात प्रकृति वाले के लिए चावल का सेवन वरदान या नुकसान, जानें क्या कहता है आयुर्वेद

Newsdesk

स्वास्थ्य सेवाओं को पर्वतीय जिलों तक मजबूत करने का संकल्प: सुबोध उनियाल

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading