पैथोलॉजी लैब का सफल संचालन कर 7 अन्य को दिया रोजगार
सिवनी,- सिवनी नगरीय क्षेत्र कबीर वार्ड की निवासी श्रीमती रोशनी यादव पति श्री सतीश यादव की कहानी उन हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखती हैं। पारिवारिक आर्थिक परिस्थितियाँ अनुकूल न होने के बावजूद उन्होंने कभी परिस्थितियों के आगे हार नहीं मानी।श्रीमती यादव ने डीएमएलटी (DMLT) का प्रशिक्षण प्राप्त किया और अपने परिवार का सहारा बनने के उद्देश्य से एक पैथोलॉजी लैब में कार्य करना प्रारंभ किया। इस कार्य से उन्हें न केवल आजीविका मिली, बल्कि स्वास्थ्य क्षेत्र में आवश्यक तकनीकी दक्षता और अनुभव भी प्राप्त हुआ। उनके मन में यह दृढ़ विश्वास जन्म लेने लगा कि यदि अवसर मिले, तो वे स्वयं का कार्य स्थापित कर सकती हैं वर्ष 2022 में उन्हें उद्योग विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) की जानकारी प्राप्त हुई। यह योजना उनके लिए आशा की एक नई किरण बनकर आई। उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ ऑनलाइन आवेदन किया। उनका प्रकरण यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, सिवनी शाखा को प्रेषित हुआ, जहां से 7.15 लाख का ऋण शीघ्र स्वीकृत कर उन्हें फरवरी 2023 में ऋण राशि प्रदान की गई।ऋण प्राप्त होते ही श्रीमती रोशनी यादव ने अपने सपनों को साकार करते हुए स्वयं का प्रिसीजन क्लिनिक लैब नाम से पैथोलॉजी लैब स्थापित किया। आज यह लैब न केवल सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है, बल्कि क्षेत्र में अपनी विश्वसनीयता और गुणवत्ता के लिए जाना जा रहा है। वर्तमान में उनकी मासिक आय लगभग 1 लाख रुपये है, जो उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही है।
सबसे गर्व की बात यह है कि श्रीमती यादव ने केवल स्वयं को ही आत्मनिर्भर नहीं बनाया, बल्कि 07 अन्य लोगों को रोजगार देकर उनके जीवन में भी स्थायित्व लाया है। वे बैंक की मासिक किस्तें नियमित रूप से जमा कर रही हैं, जो उनकी कार्यकुशलता और वित्तीय अनुशासन को दर्शाता है।
श्रीमती रोशनी यादव की यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग, कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास मिलकर असंभव को भी संभव बना सकते हैं। उनकी सफलता कहानी आज अनेकों महिलाओं और युवाओं को यह संदेश देती है।


