April 11, 2026
सी टाइम्स
बॉलीवुडमनोरंजन

विक्रांत जेटली मामले में दिल्ली हाई कोर्ट का निर्देश, पत्नी के वकील से मांगा सीलबंद नोट



नई दिल्ली, 12 फरवरी । बॉलीवुड अभिनेत्री सेलिना जेटली इन दिनों भारतीय सेना से रिटायर्ड अपने भाई मेजर विक्रांत कुमार जेटली को यूएई में हिरासत से रिहा करवाने की लड़ाई लड़ रही हैं। इस मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। ताजा सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने विक्रांत जेटली की पत्नी के वकील को निर्देश दिया कि वे कोर्ट में एक नोट सीलबंद लिफाफे में दाखिल करें। 

अदालत ने यह कदम इसलिए उठाया ताकि विक्रांत जेटली की वास्तविक इच्छा और उनकी ओर से ली जा रही कानूनी स्थिति को गोपनीय तरीके से समझा जा सके।

इसी दौरान केंद्र सरकार ने कोर्ट को जानकारी दी कि उसने विक्रांत जेटली से मिलने के लिए यूएई प्रशासन से कांसुलर पहुंच का औपचारिक अनुरोध किया है।

केंद्र सरकार ने बताया कि यूएई में विक्रांत जेटली का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए अमीराती लॉ फर्म खालिद अल मरी को पत्र जारी किया गया है। इस पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह विक्रांत जेटली को स्पष्ट रूप से यह जानकारी दे कि उनके लिए कौन-सी लॉ फर्म नियुक्त की गई है और वह किस तरह उनका प्रतिनिधित्व करेगी।

सुनवाई के दौरान अदालत ने विक्रांत जेटली की पत्नी के उस बयान पर भी ध्यान दिया, जिसमें उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में शुरू की गई कार्यवाही पर आपत्ति जताई है। उनकी पत्नी ने कहा कि वे इस मामले में अभिनेत्री सेलिना जेटली द्वारा सुझाई गई लॉ फर्म से सहमत नहीं हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि सेलिना जेटली ने उनकी अनुमति के बिना ही दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया।

विक्रांत जेटली की पत्नी की ओर से यह भी कहा गया कि पति के लिए वकील नियुक्त करने का अधिकार केवल उन्हीं को है। उन्होंने अदालत को बताया कि उन्होंने हाल ही में यूएई की जेल में जाकर विक्रांत जेटली से मुलाकात की है और उस मुलाकात में विक्रांत जेटली ने स्पष्ट रूप से सेलिना जेटली द्वारा सुझाई गई लॉ फर्म को अपने मामले में शामिल किए जाने का विरोध किया।

उनका कहना है कि विक्रांत जेटली केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय की मदद चाहते हैं कि यूएई में उनके मामले की पैरवी के लिए वकील सरकार की ओर से ही नियुक्त किया जाए।

दिल्ली हाई कोर्ट ने इस स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि विक्रांत जेटली सुझाई गई लॉ फर्म से कानूनी सहायता लेने को तैयार नहीं हैं, तो वे किसी अन्य फर्म का नाम सुझा सकते हैं। कोर्ट ने मंत्रालय को यह भी निर्देश दिया कि वह सेलिना जेटली द्वारा दायर याचिका की एक प्रति विक्रांत जेटली को उपलब्ध कराए और उनसे यह भी पूछा जाए कि क्या वे अपनी बहन से मिलने के इच्छुक हैं या नहीं।

मामले की अगली सुनवाई दिल्ली हाई कोर्ट में 19 फरवरी को निर्धारित की गई है।

अन्य ख़बरें

महिला आरक्षण विधेयक पर बोलीं शुभांगी अत्रे, महिलाओं को आरक्षण की जरूरत नहीं

Newsdesk

कभी बतौर असिस्टेंट काम करते थे महेश भट्ट के भांजे, आज निर्देशक की झोली में ‘जहर’ से लेकर ‘सैयारा’ जैसी फिल्में

Newsdesk

जन नायकन’ लीक पर भड़के कमल हासन, बोले- पायरेसी सिस्टम की नाकामी का नतीजा, सर्टिफिकेशन में देरी ने दिया बढ़ावा

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading